बिजनेस

SEBI ने लॉन्च की म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए 'स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज' सुविधा, ये है फायदा

Mutual Fund Investments: SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज’ सुविधा की घोषणा की। यह सुविधा डीमैट और बिना डीमैट फोलियो दोनों के लिए उपलब्ध होगी। इसके तहत निवेशक अपने फोलियो को लॉक कर सकते हैं, जिससे लॉक अवधि के दौरान किसी भी तरह की यूनिट डेबिट नहीं की जा सकेगी।

Image

अब म्यूचुअल फंड फोलियो को लॉक कर सकेंगे निवेशक, सेबी ने दी नई सुविधा (तस्वीर-istock)

Mutual Fund Investments: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नई सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इसे 'स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज' कहा गया है। इस सुविधा के तहत निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को लॉक कर सकते हैं। जब फोलियो लॉक होगा, तो उस फोलियो से किसी भी तरह की यूनिट डेबिट नहीं की जा सकेगी। इसका मतलब यह है कि निवेशक अपने फंड को अनधिकृत लेनदेन या धोखाधड़ी से सुरक्षित रख सकते हैं।

सुविधा कब से उपलब्ध होगी और कौन कर सकता है उपयोग

SEBI ने कहा है कि यह सुविधा 30 अप्रैल से लागू होगी। यह सुविधा दोनों प्रकार के फोलियो के लिए उपलब्ध होगी डीमैट वाले और बिना डीमैट वाले फोलियो। हालांकि, यह सुविधा केवल उन निवेशकों के लिए है जिनका केवाईसी पूरा है और जिनके पास वैध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। इससे सुनिश्चित होगा कि फोलियो लॉक करने और अनलॉक करने की प्रक्रिया सुरक्षित और आसान तरीके से हो।

फोलियो लॉक और अनलॉक की प्रक्रिया

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक SEBI के निर्देश के अनुसार, फोलियो लॉक करने की सुविधा पहले चरण में रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के माध्यम से 'एमएफ सेंट्रल' प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्लेटफॉर्म पर निवेशक अपने फोलियो को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड उद्योग संगठन एम्फी (AMFI) को फोलियो लॉक और अनलॉक की विस्तृत प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत यह भी तय किया जाएगा कि लॉक अवधि के दौरान कौन-कौन से वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन की अनुमति होगी।

निवेशकों को क्या लाभ होगा

इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य निवेशकों की म्यूचुअल फंड निवेश की सुरक्षा बढ़ाना है। डिजिटल लेनदेन के बढ़ते मामलों और साइबर धोखाधड़ी के मद्देनजर, फोलियो लॉक सुविधा निवेशकों को यह भरोसा देगी कि उनके फंड से अनाधिकृत निकासी नहीं हो सकती। साथ ही, यह सुविधा निवेशकों को अपने निवेश पर नियंत्रण रखने में मदद करेगी।

एएमसी और आरटीए की जिम्मेदारियां

SEBI ने सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) और आरटीए को निर्देश दिया है कि वे इस सुविधा को अपनाने की प्रक्रिया और लॉक अवधि के दौरान लेनदेन पर इसके प्रभाव से जुड़ी सभी जानकारी अपनी वेबसाइट और अतिरिक्त सूचना विवरण (SAI) में सार्वजनिक करें। इसका मतलब यह है कि निवेशक आसानी से यह जान सकेंगे कि किस प्रकार की लेनदेन लॉक अवधि में संभव है और कौन सी नहीं।

स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज सुविधा म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और निवेशकों को निवेश पर अधिक नियंत्रण देने में मदद करेगी। निवेशक 30 अप्रैल से अपने फोलियो को लॉक कर सकते हैं और सुरक्षित निवेश का लाभ उठा सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article