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SEBI: सेबी ने IIFL पर लगाया जुर्माना, जानें क्या है मामला और कौन सी हुई गलती

IIFL: सेबी ने 35 पृष्ठ के अपने आदेश में कहा कि नोटिस प्राप्तकर्ता (आईआईएफएल सिक्योरिटीज) ने ग्राहक निधियों और प्रतिभूतियों के मासिक-तिमाही निपटान के संबंध में कारण बताओ नोटिस में लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया है, जिनमें कहा गया है कि इसमें कुछ तकनीकी त्रुटि थी। यह पड़ताल अप्रैल से जुलाई, 2022 तक की अवधि के लिए की गई थी।

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आईआईएफल सिक्योरिटीज

IIFL:भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर ब्रोकर नियम और अन्य नियामकीय मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए ब्रोकरेज कंपनी आईआईएफएल सिक्योरिटीज पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सेबी ने ब्रोकरेज कंपनी के लिए विभिन्न अनुपालन आवश्यकताओं की जांच के लिए आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड (आईआईएफएल) की जांच की है। यह पड़ताल अप्रैल से जुलाई, 2022 तक की अवधि के लिए की गई थी।इसके बाद, नियामक ने 15 अप्रैल, 2024 को आईआईएफएल सिक्योरिटीज को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

क्या मिली गड़बड़ी

सेबी ने 35 पृष्ठ के अपने आदेश में कहा कि नोटिस प्राप्तकर्ता (आईआईएफएल सिक्योरिटीज) ने ग्राहक निधियों और प्रतिभूतियों के मासिक/त्रैमासिक निपटान के संबंध में कारण बताओ नोटिस में लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया है, जिनमें कहा गया है कि इसमें कुछ तकनीकी त्रुटि थी।

सेबी की अधिकारी बरनाली मुखर्जी ने आदेश में कहा, है कि मुझे लगता है कि परिपत्रों में ब्रोकरों को खातों का निपटान करने और समय पर विवरण जारी करने का विशेष निर्देश दिया गया है। लेकिन कंपनी ऐसा करने में विफल रही है। हालांकि, नोटिस प्राप्तकर्ता ने अब सुधारात्मक कार्रवाई की है, लेकिन उसने पाया कि वह मासिक/तिमाही आधार पर निधियों और प्रतिभूतियों का निपटान करने में विफल रहा है।

ICICI सिक्योरिटीज ने सुलझाया मामला

इस बीच आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने 69.82 लाख रुपये का भुगतान कर नियामक मानदंडों के कथित उल्लंघन से संबंधित मामले को सेबी के साथ सुलझा लिया है।आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, कंपनी की मर्चेंट बैंकिंग गतिविधियों की पुस्तकों तथा रिकॉर्ड के निरीक्षण के संबंध में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को एक निपटान आवेदन प्रस्तुत किया।ये टिप्पणियां मुख्य रूप से एक मर्चेंट बैंकर के रूप में कंपनी द्वारा अपनाई जाने वाली उचित परिश्रम प्रक्रिया से संबंधित थीं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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