SEBI Portfolio Manager:पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को पोर्टफोलियो मैनेजर के ग्राहकों के लिए डिजिटल रूप से जुड़ने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है । अब पोर्टफोलियो मैनेजर को ग्राहकों को शामिल करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि नए ग्राहक टाइप किए गए या इलेक्ट्रॉनिक रूप से लिखे गए नोट का इस्तेमाल करें। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने फीस स्ट्रक्चर को समझ लिया है न कि मौजूदा व्यवस्था जिसमें ग्राहक खुद से इस बारे में लिखकर देता है, उसे माना जाएगा। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक सर्कुलर में कहा कि डिजिटल तरीके से जुड़ने को आसान बनाने के उद्देश्य से किया गया यह बदलाव एक अक्टूबर से प्रभावी होगा।
क्यों हुआ फैसला
सेबी ने कहा कि ग्राहक को जोड़ते समय पोर्टफोलियो मैनेजर को यह सुनिश्चित करना होगा कि नए ग्राहक ने फीस तथा शुल्क की शीट पर अलग से हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही यदि ग्राहक भौतिक माध्यम से शामिल हुआ है तो उसने फीस व शुल्क की संरचना को हस्तलिखित रूप में समझ लिया है। यदि ग्राहक डिजिटल माध्यम से शामिल हुआ है तो उसने कीबोर्ड का उपयोग करके टाइप किया है, या उंगलियों/स्टाइलस पेन का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रॉनिक रूप से लिखा गया है।सेबी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से ग्राहकों को शामिल करने की मानक प्रक्रिया उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया (एपीएमआई) द्वारा बाजार नियामक के परामर्श से निर्धारित की जाएगी।
बढ़ेगी पारदर्शिता
सेबी ने कहा कि पोर्टफोलियो प्रबंधकों को शुल्क गणना का विवरण देने वाला अनुलग्नक उपलब्ध कराना होगा।पोर्टफोलियो प्रबंधक-ग्राहक संबंध के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में आसानी के लिए, सेबी ने पोर्टफोलियो प्रबंधक से अपने ग्राहक को ‘सबसे महत्वपूर्ण नियम व शर्तें’ दस्तावेज के रूप में भी उपलब्ध कराने को कहा है। इसकी ग्राहकों को विधिवत पुष्टि करना आवश्यक है।सेबी ने बृहस्पतिवार को पीएमएस (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) वितरकों के लिए एपीएमआई के साथ पंजीकरण अनिवार्य बनाकर उनकी सामूहिक निगरानी को बढ़ावा देने का फैसला किया था।
