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SEBI New Rules: सेबी ने इंट्राडे लिमिट के लिए बदले F&O मॉनिटरिंग नियम, पेनल्टी भी कर दी खत्म, ट्रेडर्स को मिलेगी राहत

SEBI New Rules: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को कहा कि एक्सचेंज 1 अप्रैल, 2025 से इंडेक्स डेरिवेटिव्स इंट्राडे के लिए मिनिमम चार पॉजिशन लिमिट्स की निगरानी करेंगे। सेबी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा पॉजिशन लिमिट्स का उल्लंघन करने पर पेनल्टी नहीं लगेगी।

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सेबी इंट्राडे ट्रेडिंग के नए नियम

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • SEBI ने दी इंट्राडे ट्रेडर्स को राहत
  • बदले F&O मॉनिटरिंग नियम
  • पेनल्टी भी कर दी खत्म

SEBI New Rules: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को कहा कि एक्सचेंज 1 अप्रैल, 2025 से इंडेक्स डेरिवेटिव्स इंट्राडे के लिए मिनिमम चार पॉजिशन लिमिट्स की निगरानी करेंगे। सेबी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा पॉजिशन लिमिट्स का उल्लंघन करने पर पेनल्टी नहीं लगेगी। SEBI ने BSE और NSE को संयुक्त रूप से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने का भी निर्देश दिया, जिसमें ट्रेडर्स को इंट्राडे में मौजूदा काल्पनिक पॉजिशन लिमिट्स की निगरानी के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। एक्सचेंजों को भी अपने ग्राहकों/ट्रेडिंग मेंबर्स को जोखिम निगरानी के लिए उल्लंघनों के बारे में सूचित करना होगा।

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पोजीशन की इंट्राडे निगरानी शुरू करने का निर्देश

30 दिसंबर 2024 के एक सर्कुलर में सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशनों को 'End of Day' मॉनिटरिंग मैकेनिज्म के अलावा पोजीशन की इंट्राडे निगरानी शुरू करने का निर्देश दिया था। सर्कुलर में कहा गया था कि इक्विटी इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए पॉजिशंस लिमिट्स की निगरानी भी 01 अप्रैल, 2025 से इंट्राडे आधार पर की जाएगी।

इस मकसद के लिए, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दिन के दौरान कम से कम 4 पोजीशन स्नैपशॉट पर विचार करने का आदेश दिया। स्नैपशॉट की संख्या संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा तय की जा सकती है, बशर्ते कि एक दिन में कम से कम 4 स्नैपशॉट हों।

क्या है पेनल्टी स्ट्रक्चर का प्रावधान

स्नैपशॉट पूर्व-निर्धारित समय अवधि के दौरान रेंडमली लिए जाएँगे। दिसंबर के सर्कुलर में उल्लंघन के लिए पेनल्टी स्ट्रक्चर का प्रावधान किया गया था। दिन के अंत में पोजीशन सीमा के उल्लंघन के लिए पेनल्टी स्ट्रक्चर के मौजूदा फ्रेमवर्क को एक्सचेंजों द्वारा इंट्राडे पोजीशन लिमिट उल्लंघन के लिए भी शुरू किया जाना था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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