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अडानी-हिंडनबर्ग मामले में सेबी को SC का निर्देश, 14 अगस्त तक जमा करें अपनी जांच रिपोर्ट

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 17, 2023, 02:55 PM IST

Adani Hindenburg row : शीर्ष अदालत ने कहा कि वह जांच पूरी करने के लिए नियामक को लंबे समय तक वक्त नहीं दे सकता। कोर्ट ने कहा कि वह सेबी को पहले ही पांच महीने का समय दे चुका है। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने सेबी को अपनी जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

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कोर्ट ने कहा कि हम ज्यादा समय नहीं दे सकते।

Photo : PTI

Adani Hindenburg row : अडानी ग्रुप-हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बाजार नियामक सेबी (SEBI) को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया है। बता दें कि सेबी ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट की अपनी जांच पूरी करने के लिए शीर्ष अदालत से छह महीने का समय मांगा था। सेबी की इस अर्जी पर अपनी सुनवाई पूरी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

लंबे समय तक वक्त नहीं दे सकते-एससी

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह जांच पूरी करने के लिए नियामक को लंबे समय तक वक्त नहीं दे सकता। कोर्ट ने कहा कि वह सेबी को पहले ही पांच महीने का समय दे चुका है। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने सेबी को अपनी जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

पक्षकारों को दी जाएगी एएम सप्रे समिति की रिपोर्ट

इस पीठ में शामिल जस्टिस पीएस नरसिम्हा एवं जस्टिस जेबी पारदीवाला ने अपने आदेश में कहा कि जस्टिस एएम सप्रे समिति की रिपोर्ट पक्षकारों को दी जाएगी ताकि वे इस मामले में कोर्ट की मदद कर सकें। बता दें कि यह समिति अपनी रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंप चुकी है।

'अडानी ग्रुप की कोई लिस्टेड कंपनी शामिल नहीं'

मामले के प्रमुख याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जांच पूरी करने के लिए नियामक एजेंसी ने किन सदस्यों को नियुक्त किया है, उनके बारे में उसने अभी तक जानकारी नहीं दी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सेबी ने अदालत को बताया कि वह जिन 51 कंपनियों की जांच कर रहा है उनमें अडानी ग्रुप की कोई लिस्टेड कंपनी शामिल नहीं है।

SC ने छह सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया था

बता दें कि शीर्ष अदालत ने गत दो मार्च को, गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह द्वारा शेयर मूल्यों में हेराफेरी करने के आरोपों की जांच करने के लिए छह सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया था। कारोबारी समूह पर यह आरोप अमेरिकी शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में लगाए थे। उच्चतम न्यायालय अडानी हिंडनबर्ग विवाद मामले पर 11 जुलाई को सुनवाई करेगा।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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