बिजनेस

सैलेरी वाले हर साल बदल सकते हैं टैक्स रेजीम, लेकिन इन्हें केवल एक बार मिलेगा मौका

नई और पुरानी टैक्स रेजीम लोगों को काफी कंफ्यूज कर रही है। लोगों के मन में बहुत से सवाल हैं। इनमें टैक्स रेजीम बदलने का सवाल भी है। सैलेरी वाले हर साल टैक्स रेजीम बदल पाएंगे, पर बिजनेस वालों के लिए नियम अलग है।

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इनकम टैक्स रेजीम बदलने के नियम क्या हैं

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • कारोबारी केवल एक बार बदल पाएंगे टैक्स रेजीम
  • सैलेरी वालों के पास हर साल टैक्स रेजीम बदलने का विकल्प होगा
  • प्रोफेशन से इनकम पाने वाले भी एक ही बार बदल सकेंगे टैक्स रेजीम

Tax Regime Change Rule : नई और पुरानी टैक्स रेजीम को लेकर टैक्सपेयर्स के मन में अभी भी ऐसे बहुत से सवाल हैं, जिनके जवाब उन्हें नहीं मिले हैं। इन्हीं में से एक सवाल टैक्स रेजीम को बदलने लेकर है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम की धारा 115बीएसी का हवाला देते हुए कहा है कि वे लोग जो सैलेरी वाले कर्मचारी हैं, वे हर साल अपनी टैक्स रेजीम बदल सकते हैं। पर ये मौका सभी को नहीं मिलेगा।

इन्हें नहीं मिलेगा मौका

सैलेरी पाने वाले कर्मचारी हर साल पुरानी या नई टैक्स रेजीम में से कोई चुन सकेंगे, मगर वे लोग जो किसी प्रोफेशन से इनकम हासिल करते हैं या कारोबारी हैं, उन्हें ये मौका बार-बार नहीं दिया जाएगा। बल्कि वे जो टैक्स रेजीम चुनेंगे, उसे केवल एक बार ही बदल पाएंगे। एक बार बदलने के बाद उन्हें ये मौका नहीं मिलेगा। डिफॉल्ट के तौर पर बिना छूट वाली नई टैक्स रेजीम रहेगी। यानी यदि न चुनी जाए तो उन्हें नई टैक्स रेजीम के अनुसार टैक्स देना होगा।

सैलेरी वालों के लिए टीडीएस कटौती

सीबीडीटी ने यह भी क्लियर कर दिया है कि एम्प्लॉयर्स अपने हर कर्मचारी से उनकी पसंदीदा टैक्स रेजीम के बारे में पूछें। ऐसे में हर कर्मचारी को अपनी कंपनी को बताना चाहिए कि वे कौन सी टैक्स रेजीम चुनना पसंद करेंगे, ताकि कंपनी उसी हिसाब से टीडीएस काटे। सैलेरी वाले कर्मचारी भी यदि कोई एक टैक्स रेजीम नहीं चुनते हैं तो उन्हें डिफॉल्ट के तौर पर नई टैक्स रेजीम में माना जाएगा और उसी हिसाब से उनका टैक्स काटा जाएगा।

पुरानी और नई टैक्स रेजीम में फर्क

नई टैक्स रेजीम में 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस रेजीम में अब 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की भी छूट मिलेगी। बेसिक छूट लिमिट 3 लाख रुपये तक कर दी गयी है। कुछ और फायदे भी इस रेजीम में सरकार ने इसलिए शामिल किए हैं ताकि इस रेजीम को और अधिक आकर्षक बनाया जा सके। पुरानी टैक्स रेजीम में कई छूट मिलती हैं। उसमें 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय टैक्स फ्री रहेगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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