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Sahara Refund: 50 हजार नहीं अब ₹10 लाख तक के रिफंड के लिए करें आवेदन, 45 दिन में अकाउंट में आ जाएगा पैसा, ये है प्रोसेस

सहारा इंडिया में पैसा लगाने वाले लाखों निवेशकों के लिए साल 2026 की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS) पर दावे (Claims) की सीमा को कई गुना बढ़ा दिया है। अब वे निवेशक भी अपना पैसा वापस मांग सकते हैं जिनकी जमा राशि लाखों में थी। अगर आपका पैसा भी सालों से सहारा की स्कीमों में फंसा हुआ है, तो अब आपके पास ₹10 लाख तक की मोटी रकम वापस पाने का मौका है।

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Sahara Refund

सहारा इंडिया के निवेशकों को राहत देने के लिए सरकार ने रिफंड की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। इससे पहले पोर्टल पर केवल छोटी रकम वाले निवेशक ही आवेदन कर पा रहे थे, लेकिन अब ₹10 लाख तक के जमाकर्ता अपने पैसे की वापसी के लिए दावा ठोक सकते हैं। गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की देखरेख में चल रही इस मुहिम का मकसद उन लोगों तक पैसा पहुंचाना है जिनकी जिंदगी भर की कमाई इन सोसायटियों में अटकी हुई थी। सरकार ने साफ किया है कि आवेदन करने के बाद आपके दस्तावेजों की जांच होगी और सब कुछ सही पाए जाने पर 45 दिनों के भीतर पैसा सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते (Aadhaar Linked Bank Account) में भेज दिया जाएगा।

किसे मिलेगा इसका फायदा?

यह अपडेट उन निवेशकों के लिए है जिनका पैसा सहारा की इन चार सोसायटियों में जमा है सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी। अगर आपने पहले आवेदन किया था और आपके फॉर्म में कोई गलती (Deficiency) पाई गई थी, तो अब आप पोर्टल पर जाकर उसे सुधार सकते हैं और 'Resubmit' कर सकते हैं। ₹10 लाख तक की लिमिट होने से अब उन बड़े निवेशकों को बड़ी राहत मिली है जो अब तक पोर्टल पर आवेदन करने के पात्र नहीं थे।

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रिफंड पाने का प्रोसेस?

रिफंड की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आपको CRCS-Sahara Refund Portal पर जाना होगा। सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके लिए आधार नंबर और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर अनिवार्य है। आवेदन करते समय आपको अपनी जमा राशि की रसीद (Receipt) और मेंबरशिप नंबर की जानकारी देनी होगी। ₹50,000 से अधिक के दावे के लिए पैन कार्ड (PAN Card) होना बहुत जरूरी है। एक बार आवेदन जमा होने के बाद, सहारा सोसाइटी 30 दिनों के भीतर दस्तावेजों का मिलान करेगी और अगले 15 दिनों में सरकारी अधिकारी उस पर मुहर लगाकर पैसा रिलीज कर देंगे।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपना फॉर्म बहुत ध्यान से भरें। अक्सर 'नाम की स्पेलिंग' या 'रसीद नंबर' में गलती होने की वजह से क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं। अगर आपके पास सहारा के एक से ज्यादा बॉन्ड या रसीदें हैं, तो उन सभी की जानकारी एक ही आवेदन में भरें, क्योंकि बार-बार आवेदन करने का विकल्प नहीं मिलता है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि रिफंड केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास निवेश के असली सबूत मौजूद हैं और जिनका डेटा सोसायटियों के रिकॉर्ड से मैच करता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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