बिजनेस

सोसाइटी में रहने वालों के लिए बड़ी खबर: मेंटेनेंस बकाया वसूलने के लिए RWA ने रोकी लिफ्ट या पानी, तो सीधे होगी कार्रवाई

हरियाणा के रजिस्ट्रार जनरल ने सख्त आदेश जारी किया है कि मेंटेनेंस बकाया वसूलने के लिए आरडब्ल्यूए (RWA) पानी, बिजली या लिफ्ट जैसी आवश्यक सेवाएं नहीं रोक सकती। ऐसा करने वाली सोसाइटियों पर अब सीधे कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Image

RWA Rules

आज के समय में बड़े शहरों की हाईराइज सोसाइटियों और अपार्टमेंट्स में रहना एक स्टेटस सिंबल बन चुका है। इन सोसाइटियों में सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली-पानी की बैकअप व्यवस्था और पार्कों के रख-रखाव के लिए एक 'रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन' (RWA) का गठन किया जाता है। इसके बदले में आरडब्ल्यूए सभी फ्लैट मालिकों से हर महीने एक निश्चित मेंटेनेंस चार्ज (Maintenance Fees) वसूलती है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि अगर किसी फ्लैट मालिक का मेंटेनेंस बकाया (Dues) रह जाता है, या आरडब्ल्यूए के साथ कोई विवाद हो जाता है, तो एसोसिएशन अपनी मनमानी पर उतर आती है। कई सोसाइटियों में आरडब्ल्यूए दबाव बनाने के लिए फ्लैट की पानी की सप्लाई काट देती है, लिफ्ट का एक्सेस ब्लॉक कर देती है या बिजली काट देती है। लेकिन अब ऐसी तानाशाही पर पूरी तरह से लगाम लग गई है। हरियाणा के रजिस्ट्रार जनरल (फर्म्स एंड सोसाइटीज) ने एक ऐतिहासिक और सख्त आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि बकाया वसूलने के लिए आरडब्ल्यूए किसी भी निवासी की आवश्यक सेवाएं (Essential Services) नहीं रोक सकती। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और सोसाइटी निवासियों के पास क्या कानूनी अधिकार हैं।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब गुरुग्राम (गुड़गांव) की कुछ सोसाइटियों के निवासियों ने आरडब्ल्यूए की मनमानी के खिलाफ रजिस्ट्रार के पास शिकायत दर्ज कराई। निवासियों का आरोप था कि मेंटेनेंस शुल्क के भुगतान में देरी या किसी अन्य विवाद के कारण आरडब्ल्यूए ने उनकी बुनियादी और जरूरी सुविधाओं को बंद कर दिया था, जिससे उनके परिवारों को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इस पर सुनवाई करते हुए रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट आदेश दिया कि आरडब्ल्यूए के पास बकाया राशि की वसूली करने के लिए कानूनी रास्ते मौजूद हैं, लेकिन वे किसी भी नागरिक को उसके जीने के अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं कर सकते। आदेश में कहा गया है कि पानी, बिजली, लिफ्ट, पार्किंग और कॉमन एरिया की लाइट जैसी चीजें मानव जीवन के लिए 'आवश्यक सेवाओं' के दायरे में आती हैं। इन्हें रोकना पूरी तरह से गैर-कानूनी और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

आप क्या कर सकते हैं?

अब सवाल उठता है कि आरडब्ल्यूए की इस मनमानी के खिलाफ निवासी क्या कदम उठा सकते हैं? अगर आपकी सोसाइटी की आरडब्ल्यूए भी मेंटेनेंस बकाया या किसी अन्य बात को लेकर आपके फ्लैट की पानी-बिजली काटने या लिफ्ट रोकने की धमकी देती है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। आप इस आदेश का हवाला देकर सबसे पहले आरडब्ल्यूए को लिखित रूप में चेतावनी दे सकते हैं। यदि वे फिर भी नहीं मानते और आपकी आवश्यक सेवाएं बाधित करते हैं, तो आप सीधे जिला रजिस्ट्रार (District Registrar) के कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, चूंकि पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीने के अधिकार) के तहत आती हैं, इसलिए पीड़ित निवासी पुलिस में भी शिकायत (FIR) दर्ज करा सकते हैं या सीधे उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कानून का उल्लंघन करने वाली आरडब्ल्यूए की गवर्निंग बॉडी पर भारी जुर्माना लग सकता है और गंभीर मामलों में एसोसिएशन का पंजीकरण (Registration) तक रद्द किया जा सकता है।

मेंटेनेंस को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन

क्या इसका मतलब यह है कि निवासी मेंटेनेंस चार्ज देना बंद कर दें? बिल्कुल नहीं। रजिस्ट्रार ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि सोसाइटी को सुचारू रूप से चलाने के लिए मेंटेनेंस शुल्क देना हर फ्लैट मालिक की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कोई निवासी जानबूझकर या बिना किसी ठोस कारण के महीनों तक मेंटेनेंस का भुगतान नहीं करता है, तो आरडब्ल्यूए को उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। लेकिन यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर होनी चाहिए। आरडब्ल्यूए बकायेदार निवासी को कानूनी नोटिस भेज सकती है, सिविल कोर्ट में रिकवरी का केस दायर कर सकती है, या सोसाइटी के कॉमन फंक्शन्स और क्लब हाउस जैसी गैर-जरूरी (Non-Essential) सुविधाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article