भारतीय रुपये में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान संकट के बाद रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट तेज हुई है। आपको बता दें कि आज रुपये में अबतक का सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 25 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 92.65 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से लगातार रुपया टूट रहा है। करेंसी एक्सपर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज होने से वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
कमजोर खुला था रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.42 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.46-92.47 के दायरे में रहने के बाद टूटकर 92.58 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को यह 92.47 के स्तर को छूने के बाद 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.62 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत टूटकर 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में गिरावट थमी लेकिन रुपये में नहीं
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। आज निफ्टी और सेंसेक्स तीन दिन में करीब 3 फीसदी बढ़ चुके हैं। इसके अलावा मार्केट ब्रेड्थ में भी सुधार आया है। व्यापक खरीदारी के चलते मार्केट कैप में तीन दिन में करीब 10 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। 13 मार्च 2026 को कुल मार्केट कैप करीब ₹428.23 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर लगभग ₹438.75 लाख करोड़ पहुंच गया है। यानी इस दौरान बाजार में करीब ₹10.5 लाख करोड़ की बढ़त जुड़ी है, जो प्रतिशत के लिहाज से लगभग 2.5% की तेजी दर्शाती है। बुधवार को निफ्टी 23,778 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 633.29 अंक की तेजी के साथ 76,704.13 अंक पर बंद हुआ है। तीन दिन की तेजी में निवेशकों की पूंजी करीब 10 लाख करोड़ बढ़ गई है।
