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Rule 72: क्या है रूल ऑफ 72 जिससे पता चलता है कब दोगुने होंगे आपके पैसे और कब आधी रह जाएगी वैल्यू?

निवेश (Investment) अक्सर जटिल लग सकता है, लेकिन एक आसान सा फॉर्मूला है जो आपको तुरंत बता देता है कि आपका पैसा कब दोगुना होगा। इसे “फॉर्मूला 72” या “Rule 72” कहते हैं। इसके जरिए आप न सिर्फ पैसे के दोगुना होने का समय जान सकते हैं, बल्कि यह भी समझ सकते हैं कि महंगाई (Inflation) के चलते आपके पैसों की वैल्यू कितने समय में आधी हो जाएगी।

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क्या है रूल ऑफ 72

जब बात निवेश की आती है, तो सबसे पहला सवाल जो किसी के दिमाग में आता है वह है – मेरा पैसा कब दोगुना होगा? इसे जानने के लिए निवेशक अक्सर ब्याज दर या रिटर्न से ज्यादा इस बात में दिलचस्पी रखते हैं कि उनके पैसे कितने साल या महीने में दोगुने होंगे। इसी सवाल का जवाब देने के लिए एक आसान और लोकप्रिय फॉर्मूला है, जिसे “फॉर्मूला 72” या “Rule 72” कहा जाता है।

क्या है रूल ऑफ 72?

फॉर्मूला 72 निवेशकों के लिए एक शॉर्टकट मैथ टूल है। यह आपको बताता है कि किसी भी निवेश योजना में आपका पैसा कितने सालों में दोगुना होगा। इसे समझना बेहद आसान है। फॉर्मूला बहुत सरल है बस 72 को उस निवेश की ब्याज दर से भाग दें। परिणाम जितना छोटा होगा, उतनी ही जल्दी आपका पैसा दोगुना होगा।

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपने किसी बैंक में 5 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) लगाया है और उस पर सालाना 7.25% ब्याज मिलता है। फॉर्मूला 72 के अनुसार, 72 ÷ 7.25 = 9.93 साल। मतलब आपके 5 लाख रुपये करीब 10 साल में 10 लाख रुपये बन जाएंगे। इसे महीनों में देखें तो लगभग 119 महीने में पैसा दोगुना हो जाएगा।

ऐसे समझें फार्मूला

Rule 72 का इस्तेमाल महंगाई यानी Inflation को समझने के लिए भी किया जा सकता है। अगर सालाना महंगाई 6% है, तो 72 ÷ 6 = 12 साल। इसका मतलब है कि 12 साल में आपके पैसे की खरीदने की ताकत यानी वैल्यू आधी हो जाएगी। अगर आज आपके पास 10 लाख रुपये हैं, तो 12 साल बाद उनकी वैल्यू महज 5 लाख रुपये के बराबर रह जाएगी।

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए Rule 72 बेहद काम का टूल है। इससे आप यह तय कर सकते हैं कि कब आपका निवेश दोगुना होगा, महंगाई से पैसों की वैल्यू कब घटेगी और हर साल कितनी राशि निवेश करनी चाहिए ताकि रिटायरमेंट के समय आपको पर्याप्त रकम मिल सके।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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