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Reliance vs Adani vs Tata: 2025 में किस ग्रुप ने निवेशकों को दिया सबसे ज्यादा प्रॉफिट, किसने कराया नुकसान?

Reliance vs Adani vs Tata देश के तीन सबसे बड़े उद्योग घरानों के निवेशकों के लिए यह साल बेहद उतार-चढ़ाव वाला साबित हुआ है। जानते हैं 2025 में भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इन व्यापारिक घरानों में से किसने निवेशकों को सबसे ज्यादा प्रॉफिट दिया है और किसने सबसे ज्यादा नुकसान कराया है?

RIL VS TATA VS ADANI

किसने बनाया किसने डुबोया (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई)

Reliance vs Adani vs Tata Stocks Valuation check: साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के तीन सबसे बड़े कारोबारी समूहों के लिए निर्णायक साबित हुआ है। इन गुप्स के साथ ही निवेशकों के लिए भी यह वर्ष अहम साबित हुआ है। 2025 में टाटा, रिलायंस और अडानी ग्रुप्स में निवेश करने वालों की संपत्ति कितनी बढ़ी या घटी, किस कंपनी ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया और किसने निवेशकों को सबसे बड़ा झटका दिया जानते हैं।

तीनों समूहों में रही हलचल

NSE/BSE पर उपलब्ध मार्केट कैप के आंकड़ों के मुताबिक, जहां Reliance Group और Adani Group ने निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया, वहीं Tata Group को सबसे बड़ा झटका लगा। टाटा ग्रुप का संयुक्त मार्केट कैप 2024 के अंत में करीब ₹30 लाख करोड़ था, जो 2025 के अंत तक घटकर लगभग ₹26.3 लाख करोड़ रह गया। यानी एक साल में ₹3.7 लाख करोड़ के आसपास की वैल्यू इरेज हो गई। इसके उलट, रिलायंस ग्रुप का कुल मार्केट कैप ₹4.7 लाख करोड़ बढ़कर ₹23.43 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जबकि अडानी ग्रुप ने भी मजबूत रिकवरी के साथ ₹1.43 लाख करोड़ की वैल्यू जोड़ी।

Tata Group: सबसे कमजोर कड़ी कहां टूटी?

2025 में टाटा ग्रुप की कमजोरी कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। सबसे बड़ा निगेटिव योगदान Tata Motors के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस से आया। Tata Motors PV में साल भर में करीब 22% की गिरावट दर्ज की गई। Jaguar Land Rover में साइबर अटैक, लागत बढ़ने और मार्जिन पर दबाव ने निवेशकों की धारणा को चोट पहुंचाई।

इसके अलावा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी Tata Consultancy Services का मार्केट कैप भी करीब 19% घटा। ग्लोबल आईटी स्पेंड में सुस्ती, क्लाइंट बजट में कटौती और AI के दौर में प्राइसिंग प्रेशर ने TCS जैसे बड़े स्टॉक में भी भारी वैल्यू लॉस कराया। TCS का वजन इतना बड़ा है कि इसमें आई गिरावट ने पूरे टाटा ग्रुप के मार्केट कैप को नीचे खींच लिया।

अन्य कमजोर परफॉर्मर्स में Tejas Networks सबसे आगे रहा, जिसका शेयर 60% से ज्यादा टूट गया। Trent करीब 41%, Nelco और Oriental Hotels लगभग 40%, Tata Chemicals 26%, Tata Elxsi करीब 20%, Voltas 23% और Tata Teleservices (Maharashtra) 34% तक गिरा।

हालांकि, कुछ पॉजिटिव स्पॉट भी रहे। Tata Steel करीब 24% चढ़ा, Tata Consumer Products ने लगभग 30% का रिटर्न दिया और Titan में 20% से ज्यादा की तेजी रही। इसके बावजूद, कुल मिलाकर नुकसान इतना बड़ा था कि ये तेजी ग्रुप को बचा नहीं सकी।

Reliance Group: 2025 का सबसे बड़ा वैल्यू क्रिएटर

2025 में रिलायंस ग्रुप निवेशकों के लिए सबसे बड़ा विनर साबित हुआ। ग्रुप का संयुक्त मार्केट कैप ₹4.7 लाख करोड़ बढ़कर ₹23.43 लाख करोड़ हो गया। इसकी धुरी रही Reliance Industries, जिसका शेयर साल में करीब 29% चढ़ा।

ऑयल टू केमिकल्स बिजनेस में बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन, मजबूत कैश फ्लो और रिटेल-टेलीकॉम बिजनेस की वैल्यू अनलॉकिंग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने Reliance Jio की एंटरप्राइज वैल्यू को करीब 180 अरब डॉलर आंका है, जिसने रिलायंस के स्टॉक को सपोर्ट दिया। यानी 2025 में “सबसे ज्यादा अमीर बनाने वाला ग्रुप” का तमगा साफ तौर पर रिलायंस के नाम रहा।

Adani Group: रेगुलेटरी मुश्किलों के हटते ही जोरदार वापसी

2024 के झटकों के बाद 2025 अडानी ग्रुप के लिए कमबैक ईयर रहा। Hindenburg से जुड़े मामलों में सेबी जांच बंद होने से रेगुलेटरी ओवरहैंग खत्म हुआ और फोकस दोबारा फंडामेंटल्स पर आया।

Adani Power और Adani Ports जैसे शेयरों में 20–35% की तेजी देखने को मिली। रिकॉर्ड कैपेक्स, EBITDA ग्रोथ और मजबूत कैश फ्लो की वजह से ग्रुप का कुल मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा। यह दिखाता है कि जोखिम घटते ही निवेशक कितनी तेजी से लौटे।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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