बिजनेस

Ambani-Adani हट गए पीछे, अब इस दिग्गज को कौन खरीदेगा

भारत के दो सबसे बड़े समूह रिलायंस रिटेल और अडानी ग्रुप ने फ्यूचर रिटेल के लिए फाइनल बिडिंग प्रोसेस में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अन्य 6 कम मशहूर कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई है।

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फ्चूयर रिटेल की फाइनल बिडिंग प्रोसेस

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • फ्चूयर रिटेल नहीं खरीदेंगे रिलायंस-अडानी ग्रुप
  • फाइनल बिडिंग प्रोसेस में हिस्सा नहीं लिया
  • 6 कम मशहूर कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई

Future Retail Bidding : गौतम अडानी (Gautam Adani) के अडानी ग्रुप (Adani Group) और मुकेश अंबानी (Mukesh Amabni) की रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ने फ्यूचर रिटेल (Future Retail) की फाइनल बिडिंग प्रोसेस में हिस्सा नहीं लिया। फ्यूचर रिटेल के लिए बिडिंग के फाइनल राउंड में 6 कम मशहूर कंपनियों ने बोलियां लगाई हैं। रियल्टी फर्म स्पेस मंत्रा (Space Mantra) ने फ्यूचर रिटेल के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई है। इसके अलावा पांच अन्य कंपनियों ने भी फ्यूचर रिटेल के कुछ पार्ट्स के लिए बोली लगाई है।

रिलायंस और अडानी ग्रुप ने नहीं दिखाई दिलचस्पी

ईटी नाउ ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है भारत के दो सबसे बड़े समूह रिलायंस रिटेल और अडानी ग्रुप ने फ्यूचर रिटेल के लिए फाइनल बिडिंग प्रोसेस में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। Pinnacle Air, Palgun Tech LLC और Lehar Solutions बोली लगाने वाली कंपनियों में शामिल हैं। इन्होंने फ्यूचर रिटेल के पार्ट्स खरीदने में रुचि दिखाई है और बोली दाखिल की है।

Good Will Furniture और Sarvabhista E waste Management भी बोली लगाने वाली कंपनियों में शामिल हैं।

49 कंपनियों ने दिखाई थी दिलचस्पी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फ्यूचर रिटेल के लिए 49 एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आए थे। मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल और गौतम अडानी की अगुआई वाला अडानी समूह फ्यूचर रिटेल के लिए बोली लगाने वाले शुरुआती बिडर्स में शामिल थे। ईटी नाउ के सूत्रों के मुताबिक, फाइनेंशियल क्रेडिटर्स ने फ्यूचर रिटेल से करीब 20,000 करोड़ रुपये क्लेम किए हैं।

इससे पहले अप्रैल में NCLT की मुंबई बेंच ने कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (Corporate Insolvency Resolution Process) या सीआईआरपी की क्लोजिंग के लिए फ्चूयर रिटेल को 15 जुलाई, 2023 तक 90 दिनों का एडिश्नल समय दिया था।

कब हुई थी मामले की शुरुआत

फ्यूचर रिटेल के खिलाफ सीआईआरपी इसके लेंडर बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने तब शुरू किया था, जब ये लोन चुकाने में असफल रही थी। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत, 4 अक्टूबर, 2022 को संभावित बोलीदाताओं से ईओआई मांगे गए थे।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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