सर्वाधिक मूल्यवान ग्लोबल टैक्नोलॉजी कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस एकमात्र भारतीय कंपनी (तस्वीर-X)
Technology Companies List : मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) बाजार पूंजीकरण(मार्केट कैप) के आधार पर टॉप 30 ग्लोबल टैक्नोलॉजी कंपनियों की लिस्ट में शामिल भारत की एकमात्र कंपनी है। यह बात ‘ट्रेंड्स - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कही गई है, जिसमें एआई तकनीकों के वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनाने और उनके प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कंपनियां लिस्ट में टॉप 8 स्थानों पर काबिज हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, एप्पल, अमेजन, अल्फाबेट, मेटा प्लेटफॉर्म, टेस्ला और ब्रॉडकॉम शामिल हैं। ताइवान की टीएसएमसी नौवें स्थान पर और चीन की टेनसेंट 10वें स्थान पर है। रिलायंस का बाजार मूल्यांकन 216 अरब डॉलर है, जो इसे 23वें स्थान पर रखता है।
1995 से 2025 तक, केवल पांच कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट, ऑरैकल, सिस्को, आईबीएम और एटीएंडटी लगातार शीर्ष 30 में बनी रहीं। वहीं, नई कंपनियों में रिलायंस के साथ एनवीडिया, एप्पल, अमेजन, अल्फाबेट, मेटा, टेस्ला, अलीबाबा, सेल्सफोर्स और चाइना मोबाइल भी शामिल हैं।
1995 में, अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी 53% (30 में से 16) थी, जो अब बढ़कर 70% (30 में से 21) हो गई है। वहीं जापान की हिस्सेदारी 30% से घटकर करीब शून्य हो गई। ब्रिटेन, सिंगापुर, हांगकांग, मेक्सिको और मलेशिया की कंपनियां अब लिस्ट में नहीं हैं। 2025 में नई कंपनियां चीन (3), जर्मनी (2), ताइवान, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया और भारत (1-1) से आई हैं।
ताइवान की टीएसएमसी विश्व के सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर का 80-90 प्रतिशत और वैश्विक सेमीकंडक्टर का 62 प्रतिशत उत्पादन करती है। यह कंपनी सूची में ताइवान का एकमात्र प्रतिनिधि है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास दुनिया के सबसे ज्यादा चैटजीपीटी मोबाइल ऐप यूजर्स हैं, जो कुल मासिक एक्टिव यूजर्स का 13.5 प्रतिशत हिस्सा हैं। अमेरिका (8.9%), इंडोनेशिया (5.7%) और ब्राजील (5.4%) के मुकाबले भारत सबसे आगे है। चीनी एआई ऐप डीपसीक के उपयोग में भी भारत 6.9 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि चीन (33.9%) और रूस (9.2%) इससे आगे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कृत्रिम मेधा ने आधुनिक दुनिया को तेजी से बदल दिया है। यह तकनीक ग्राहक सहायता, सॉफ्टवेयर विकास, वैज्ञानिक शोध, शिक्षा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में मुख्य आधार बन चुकी है। एआई अब उद्योगों के लिए एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह काम कर रही है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिजनेस (Business News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।