RBI MPC Meeting Today: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार छठी बार रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि आरबीआई के रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने की ही उम्मीद की जा रही थी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक 6 फरवरी से शुरू हुई थी। आज गुरुवार को एमपीसी के नीतिगत फैसलों का ऐलान हुआ है। ये अंतरिम बजट के बाद पहली और 2024 की भी पहली ही एमपीसी मीटिंग है। बता दें कि इससे पहले लगातार 5 बार से एमपीसी ने में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने की घोषणा की।
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महंगाई दर को काबू में रखने की कोशिश
वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अशवनी राणा के अनुसार रिजर्व बैंक ने आज 2024 में अपनी पहली बैठक में भी रेपो रेट में कोई वृद्धि नहीं की है। 2023 में पांच बार लगातार भी रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया था। महंगाई दर को काबू में रखने के लिए रिजर्व बैंक के प्रयास जारी हैं। अभी रेपो रेट 6.50 फीसदी ही रहेगी।
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को न बढ़ाने के पीछे देश में आर्थिक प्रगति को जारी रखने, महंगाई को काबू में रखने का भी ध्यान में रखा है। क्योंकि कर्ज़ महंगा होने से बैंकों सहित कई सेक्टरों पर निगेटिव असर पड़ता है।

नहीं कम हुई रेपो रेट
अच्छी स्थिति में हैं बैंक
राणा के मुताबिक रिजर्व बैंक गवर्नर ने बैंकों की अच्छी स्थिति की भी जानकारी दी और कहा कि इंडिया वर्ल्ड ग्रोथ का इंजन भी बन सकता है। रेपो रेट में वृद्धि से बैंकों से कर्ज लेने वाले बैंक के ग्राहकों के लिए मुश्किल बढ़ सकती थी। रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वालों के साथ साथ कर्ज देने वाले बैंकों को भी बड़ी राहत दी है।
ग्लोबल इकोनॉमी की दिख रही मिली-जुली तस्वीर
आरबीआई गवर्नर ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मिली-जुली तस्वीर दिख रही है। वैश्विक स्तर पर सॉफ्ट लैंडिंग (किसी इकोनॉमी का ग्रोथ से स्लो-ग्रोथ की तरफ बढ़ाना) की संभावना बढ़ गई है। आरबीआई गवर्नर ने वैश्विक इकोनॉमी को लेकर अनिश्चितता की भी बात कही।
महंगाई पर क्या बोले आरबीआई गवर्नर
दास ने कहा कि एमपीसी अभी खुदरा मुद्रास्फीति के मुकाबले रेपो रेट को कम करने के लिए तैयार नहीं है। कम से कम जब तक मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत तक नहीं घटती। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि FY25 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति के लिए अनुमान 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
- जनवरी-मार्च 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया
- अप्रैल-जून 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया
- जुलाई-सितंबर 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 4.0 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया
- अक्टूबर-दिसंबर 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 4.7 प्रतिशत से घटाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया गया
- जनवरी-मार्च 2025 सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 4.7 प्रतिशत आंका गया
ग्रोथ रेट के लिए क्या है अनुमान
दास ने कहा कि FY25 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रह सकती है। वहीं अप्रैल-जून 2024 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत, जुलाई-सितंबर 2024 के लिए 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत, अक्टूबर-दिसंबर 2024 के लिए 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत और जनवरी-मार्च 2025 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 प्रतिशत आंका गया है।
