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RBI MPC Meeting Today: नहीं घटेगी आपकी EMI, आरबीआई ने बरकरार रखी 6.5 फीसदी रेपो रेट

RBI MPC Meeting Today: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार छठी बार रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि आरबीआई के रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने की ही उम्मीद की जा रही थी।

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आरबीआई ने बरकरार रखी 6.5 फीसदी रेपो रेट

KEY HIGHLIGHTS
  • रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
  • 6.5 फीसदी पर रहेगी बरकरार
  • आरबीआई का अहम फैसला

RBI MPC Meeting Today: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार छठी बार रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि आरबीआई के रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने की ही उम्मीद की जा रही थी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक 6 फरवरी से शुरू हुई थी। आज गुरुवार को एमपीसी के नीतिगत फैसलों का ऐलान हुआ है। ये अंतरिम बजट के बाद पहली और 2024 की भी पहली ही एमपीसी मीटिंग है। बता दें कि इससे पहले लगातार 5 बार से एमपीसी ने में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने की घोषणा की।

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महंगाई दर को काबू में रखने की कोशिश

वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अशवनी राणा के अनुसार रिजर्व बैंक ने आज 2024 में अपनी पहली बैठक में भी रेपो रेट में कोई वृद्धि नहीं की है। 2023 में पांच बार लगातार भी रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया था। महंगाई दर को काबू में रखने के लिए रिजर्व बैंक के प्रयास जारी हैं। अभी रेपो रेट 6.50 फीसदी ही रहेगी।

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को न बढ़ाने के पीछे देश में आर्थिक प्रगति को जारी रखने, महंगाई को काबू में रखने का भी ध्यान में रखा है। क्योंकि कर्ज़ महंगा होने से बैंकों सहित कई सेक्टरों पर निगेटिव असर पड़ता है।

RBI MPC Today

नहीं कम हुई रेपो रेट

अच्छी स्थिति में हैं बैंक

राणा के मुताबिक रिजर्व बैंक गवर्नर ने बैंकों की अच्छी स्थिति की भी जानकारी दी और कहा कि इंडिया वर्ल्ड ग्रोथ का इंजन भी बन सकता है। रेपो रेट में वृद्धि से बैंकों से कर्ज लेने वाले बैंक के ग्राहकों के लिए मुश्किल बढ़ सकती थी। रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वालों के साथ साथ कर्ज देने वाले बैंकों को भी बड़ी राहत दी है।

ग्लोबल इकोनॉमी की दिख रही मिली-जुली तस्वीर

आरबीआई गवर्नर ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मिली-जुली तस्वीर दिख रही है। वैश्विक स्तर पर सॉफ्ट लैंडिंग (किसी इकोनॉमी का ग्रोथ से स्लो-ग्रोथ की तरफ बढ़ाना) की संभावना बढ़ गई है। आरबीआई गवर्नर ने वैश्विक इकोनॉमी को लेकर अनिश्चितता की भी बात कही।

महंगाई पर क्या बोले आरबीआई गवर्नर

दास ने कहा कि एमपीसी अभी खुदरा मुद्रास्फीति के मुकाबले रेपो रेट को कम करने के लिए तैयार नहीं है। कम से कम जब तक मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत तक नहीं घटती। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि FY25 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति के लिए अनुमान 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

  • जनवरी-मार्च 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया
  • अप्रैल-जून 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया
  • जुलाई-सितंबर 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 4.0 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया
  • अक्टूबर-दिसंबर 2024 सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 4.7 प्रतिशत से घटाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया गया
  • जनवरी-मार्च 2025 सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 4.7 प्रतिशत आंका गया

ग्रोथ रेट के लिए क्या है अनुमान

दास ने कहा कि FY25 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रह सकती है। वहीं अप्रैल-जून 2024 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत, जुलाई-सितंबर 2024 के लिए 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत, अक्टूबर-दिसंबर 2024 के लिए 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत और जनवरी-मार्च 2025 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 प्रतिशत आंका गया है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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