बिजनेस

RBI Repo Rate Cut: रेपो रेट में बड़ी कटौती, होम लोन की ब्याज दरों पर कितना पड़ेगा असर, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

RBI Repo Rate Cut: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। इसका महंगाई और लोन रेट पर असर पड़ेगा। आइए जानते हैं होम लोन की ब्याज दरों पर क्या असर पड़ेगा।

Image

रेपो रेट कट से होम लोन पर कितना असर

Photo : ANI

RBI Repo Rate Cut : महंगाई दर में नरमी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से अपनी प्रमुख नीतिगत दर, रेपो दर, को 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। यह कदम आर्थिक विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा प्रस्तुत करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की छह सदस्यीय समिति ने रेपो दर में 0.50 प्रतिशत कटौती का निर्णय लिया है। इस पर एक्सपर्ट ने अपने विचार व्यक्त किए। बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार, हालिया रेपो दर कटौती के बाद होम लोन की ब्याज दरें मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण सब-8% स्तर के करीब पहुंच सकती हैं।

रेपो रेट और उसका असर

बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा कि आज की 50 बीपीएस दर कटौती से होम लोन की दरें मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण सब-8% स्तर के करीब पहुंच सकती हैं। फरवरी 2025 से अब तक कुल 100 बीपीएस की कटौती के बाद रेपो दर अब 5.50% पर है। बाजार में सबसे कम दरें पहले से ही 7.85% पर हैं, जो मुख्य रूप से 750 से अधिक क्रेडिट स्कोर वाले प्राइम उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं और अक्सर रिफाइनेंस या बैलेंस ट्रांसफर मामलों में। आगे की रेट में कटौती से सब-8% दरें और अधिक व्यापक हो सकती हैं। ऐसा कुछ जो हमने 2022 की शुरुआत से नहीं देखा है।

आदिल शेट्टी ने कहा कि हालांकि रेट कटौती का ट्रांसमिशन असमान बना हुआ है। रेपो-लिंक्ड होम लोन वाले उधारकर्ताओं को सबसे तेज और सबसे पूर्ण पास-थ्रू मिलेगा। लेकिन 2019 से पहले लिए गए लोन, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से, MCLR या यहां तक कि बेस रेट जैसे पुराने बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं। इन उधारकर्ताओं को आज की कटौती से स्वतः लाभ नहीं होगा।

आदिल शेट्टी ने कहा कि अगर आप उपलब्ध न्यूनतम दरों से 50 बेसिस प्वाइंट या उससे अधिक भुगतान कर रहे हैं, और विशेष रूप से अगर आप अपने कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में हैं, तो रेपो-लिंक्ड लोन के लिए रिफाइनेंस पर विचार करना उचित है। यह लोन की अवधि के दौरान आपकी ब्याज लागत को काफी कम करने में मदद कर सकता है।

आदिल शेट्टी ने कहा कि जमाकर्ताओं के लिए 50 बीपीएस रेपो दर में कटौती रातोंरात एफडी दरों में कटौती नहीं कर सकती है, लेकिन यह गिरावट की प्रवृत्ति की शुरुआत का संकेत देती है। बैंक जमा दरों में कटौती शुरू कर सकते हैं, खासकर छोटी और मध्यम अवधि के लिए। अगर आप मौजूदा दरों को लॉक करने का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें से कुछ अभी भी 7.5% के आसपास हैं, तो अब समय आ गया है। वरिष्ठ नागरिक, जो अतिरिक्त 25 से 50 आधार अंकों का आनंद लेते हैं, उन्हें लंबी अवधि के लिए लॉक करने पर विचार करना चाहिए।

रेपो दर का महत्व

रेपो दर वह ब्याज दर होती है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। यह दर मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक नीतियों को संतुलित रखने में आरबीआई की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

लाभ आम उपभोक्ताओं के लिए

रेपो दर में कटौती का मतलब है कि मकान, वाहन और अन्य व्यक्तिगत कर्जों पर मासिक किस्तें (ईएमआई) कम हो सकती हैं, जिससे कर्ज लेना सस्ता और आसान हो जाएगा।

पहले भी हो चुकी हैं कटौतियां

इस वर्ष फरवरी और अप्रैल में आरबीआई ने दो बार रेपो दर में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिससे कुल मिलाकर अब तक 1 प्रतिशत की कटौती हो चुकी है।

मौद्रिक नीति समिति के सदस्य

एमपीसी में आरबीआई के तीन सदस्य और सरकार द्वारा नियुक्त तीन बाहरी सदस्य शामिल होते हैं, जो मिलकर मौद्रिक नीति के फैसले करते हैं।

आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखा है। वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को 4 प्रतिशत से घटाकर 3.7 प्रतिशत किया गया है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article