भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को मध्य प्रदेश में गढ़ा सहकारी बैंक, गुना का लाइसेंस रद्द कर दिया। आरबीआई के मुताबिक इसके पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि सहकारी बैंक के लगभग 98.4 प्रतिशत जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।
जमा और निकासी पर लगा प्रतिबंध
इसका लाइसेंस रद्द होने के कारण बैंक को तुरंत जमा और निकासी सहित विभिन्न गतिविधियों का संचालन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। आरबीआई ने सोमवार को कारोबारी घंटे की समाप्ति से लाइसेंस रद्द करते हुए कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। इसके अलावा आरबीआई ने कहा कि गढ़ा सहकारी बैंक अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति के साथ अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को पूर्ण भुगतान नहीं कर सकेगा।
आरबीआई ने कहा कि लिक्विडेशन पर हर जमाकर्ता डीआईसीजीसी से 5,00,000 रुपये तक अपनी जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। 19 दिसंबर, 2022 तक DICGC ने बैंक के संबंधित जमाकर्ताओं की इच्छा के आधार पर कुल बीमित जमा राशि में से 12.37 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।
