नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार देश में 5जी सर्विस (5G Service) की शुरुआत होने वाली है। 5जी सर्विस की तैयारी सालों से की जा रही थी। 1 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बड़ा तोहफा देंगे। 5जी सर्विस की शुरुआत के साथ पीएम मोदी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में कल से चार दिनों तक चलने वाले छठे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 (IMC 2022) का भी उद्घाटन करेंगे। हाल ही में, 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी भी पूरी हुई थी, जिसमें टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर को 1,50,173 करोड़ रुपये के सकल राजस्व के साथ 51,236 मेगाहर्ट्ज आवंटित किया गया था।
5जी का कितना होगा आर्थिक प्रभाव?
5जी नए आर्थिक अवसर और सामाजिक लाभ प्रदान कर सकता है और इसे भारतीय समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति बनने की क्षमता प्रदान कर सकता है। यह देश को विकास की पारंपरिक बाधाओं को दूर करने, स्टार्टअप्स और व्यावसायिक उद्यमों द्वारा नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ 'डिजिटल इंडिया' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। भारत पर 5जी का कुल मिलाकर आर्थिक प्रभाव 2035 तक 450 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
मालूम हो कि दूरसंचार विभाग ने अगस्त 2022 में राइट ऑफ वे नियम 2016 में संशोधन किया है, जिसमें आरओडब्ल्यू की स्वीकृतियों के लिए शुल्क को उचित बनाया गया है और स्ट्रीट फर्नीचर पर 5जी छोटे सेल और ऑप्टिकल फाइबर केबल की स्थापना के लिए आरओडब्ल्यू शुल्क की एक सीमा तय की गई है।
5जी टेस्टेड की हुई थी स्थापना
दूरसंचार विभाग ने 2018 में प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु और समीर (SAMEER) की मदद से 5जी टेस्टेड की स्थापना की है। स्टार्टअप उद्योगों द्वारा इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए 2020 में एक 5जी हैकथॉन शुरू किया गया था और इससे नवीन उत्पादों को बढ़ावा मिला है। 5जी के इस्तेमाल के मामलों पर एक अंतर-मंत्रालयी समिति 2021 से 12 केंद्रीय मंत्रालयों के समन्वय से कार्य कर रही है, जिससे 5जी यूज-केस प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा सके। 5जी हैंडसेट उपलब्ध कराने के लिए 5जी इको-सिस्टम को सक्षम करने के लिए उद्योग के साथ परामर्श आयोजित किया गया है। मुंबई में निवेशकों, बैंकरों और उद्योग के साथ 5जी व्यापार के अवसरों पर और सरकार द्वारा प्रमुख हस्तक्षेपों की पहचान करने के लिए एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया था।
फिलहाल कुछ शहरों में ही होगा लॉन्च
सी-डॉट ने एक स्वदेशी 5जी नॉन-स्टैंड अलोन कोर विकसित किया है। सी-डॉट स्थानीय उद्योग और स्टार्ट-अप के सहयोग से 5जी रेडियो एक्सेस नेटवर्क (आरएएन) भी विकसित कर रहा है। सी-डॉट ने टीसीएस और तेजस नेटवर्क के सहयोग से अपने 4जी कोर का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है। ये सभी प्रधानमंत्री के 'जय अनुसंधान' के आह्वान को पूरा करने में मदद करेंगे। ये सभी प्रयास भारत के विनिर्माण और दूरसंचार इको-सिस्टम के लिए गेम-चेंजर हैं, जो घरेलू 5जी एंटरप्राइज कैरियर ग्रेड स्टैक के साथ-साथ अभिनव प्रभावशाली 5जी यूज-केस के लिए अग्रणी हैं। प्रधानमंत्री द्वारा चुनिंदा शहरों में लॉन्च किया जाने वाला 5जी अगले कुछ वर्षों में उत्तरोत्तर पूरे देश को कवर करेगा।
