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Post Office Vs Bank FD: कहां मिल रहा है ज्यादा ब्याज? पैसा लगाने से पहले पहले देखें लेटेस्ट रेट्स

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट को भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी मिलती है, जिससे ये सबसे सुरक्षित निवेश बन जाता है। वहीं दूसरी ओर, बैंक FD में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और आसान निकासी की सुविधा देता है।

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पोस्ट ऑफिस एफडी बनाम बैंक एफडी

SIP ने पिछले दो सालों से निवेशकों को निराश किया है। इसके चलते एक बार फिर निवेशक फिक्स रिटर्न देने वाले निवेश माध्यम जैसे PPF, Bank FD, Post office TD आदि की ओर लौटे हैं। अगर आप भी शेयर बाजार के उतार—चढ़ाव से तंग आकर फिक्स रिटर्न वाले निवेश माध्यम में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो थोड़ा ठहरिये! हम आपको बता रहे हैं कि आपको अपना पैसा बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD) में से कहां लगाना चाहिए? कहां आपको ज्यादा ब्याज मिल सकता है? ज्यादा ब्याज का मतलब ज्यादा रिटर्न।

बैंक के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में ज्यादा ब्याज

पोस्ट ऑफिस अभी एक साल की जमा राशि पर 6.9%, दो साल के लिए 7.0%, तीन साल के लिए 7.1% और पांच साल की जमा राशि पर 7.5% ब्याज दे रहा है। पांच साल वाली स्कीम इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए भी योग्य है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की दरें

अवधिब्याज दर
1 साल6.9%
2 साल7.0%
3 साल7.1%
5 साल7.5%
वहीं, अगर आप देश के बड़े सरकारी बैंक में मिल रहे ब्याज दर की तुलना करें तो आपको पोस्ट ऑफिस में निवेश करना फायदेमंद रहेगा क्योंकि इसमें ज्यादा ब्याज मिल रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में एफडी पर ब्याज दर 3.05% से 6.45% तक, बैंक ऑफ बड़ौदा 3.50% से 6.75% तक और PNB की दर 3.25% से लेकर 6.40% तक है। आप आसानी से तुलना कर सकते हैं कि आपको पोस्ट ऑफिस में निवेश करने पर आसानी से ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

पोस्ट ऑफिस में निवेश पर ज्यादा सुरक्षा भी

बता दें कि पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट को सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त होता है, जबकि बैंक डिपॉजिट को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) द्वारा प्रति बैंक, प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक का बीमा मिलता है। ऐसे में जो निवेशक ज्यादा सुरक्षा चाहते हैं और लंबे समय के लक्ष्यों के लिए योजना बना रहे हैं, उन्हें पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, जो लोग लचीलापन और नियमित आय के विकल्प चाहते हैं, वे बैंक FD को चुन सकते हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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