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PM मोदी ने बाइडेन की पत्नी को क्यों नहीं दिया 'असली' हीरा, वजह जानकर मान जाएंगे भारत की ताकत

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 23, 2023, 02:00 PM IST

PM Narendra Modi Gifts Eco Friendly Diamond To Jill Biden: पीएम मोदी द्वारा गिफ्ट किया गया ग्रीन डायमंड एक इको-फ्रेंडली हीरा है। जो आधुनिक तकनीक से लैब में बनाया गया है। इसीलिए इसे कृत्रिम हीरा भी कहा जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाने में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल किया गया है।

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बेहद खास है ग्रीन डायमंड

Photo : ANI

PM Narendra Modi Gifts Eco Friendly Diamond To Jill Biden:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अमेरिका के स्टेट विजिट पर हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को पत्नी जिल बाइडेन को 7.5 कैरेट का एक हीरा गिफ्ट किया है। लेकिन हीरा यह उस तरह का नहीं है, जैसा कि आम तौर पर लोग जानते हैं। ग्रीन डायमंड नाम का यह हीरा खदानों से नहीं निकला है। यह किसी भी तरह से नेचुरल नही है। सवाल उठता है कि जब पीएम मोदी दुनिया के सबसे ताकतवर देश की फर्स्ट लेडी को गिफ्ट देने जा रहे थे तो उन्होंने नेचुरल हीरे की जगह कृ्त्रिम हीरा क्यों गिफ्ट किया। तो इसके पीछे भारत की ताकत की एक कहानी है। जो आने वाले समय में दुनिया में भारत को एक नए लेवल पर पहुंचा सकती है।

क्या है ग्रीन डायमंड

मोदी द्वारा गिफ्ट किया गया ग्रीन डायमंड एक इको-फ्रेंडली हीरा है। जो आधुनिक तकनीक से लैब में बनाया गया है। इसीलिए इसे कृत्रिम हीरा भी कहा जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाने में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि इस हीरे के केमिकल और ऑप्टिकल गुण किसी भी नेचुरल हीरे से जरा से कम नहीं हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार इस हीरे को सूरत की कंपनी ग्रीन लैब ने बनाया है। हीरे कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाला समय कृत्रिम हीरे का है। और इसमें AI की तरह इतनी संभावना है कि यह भविष्य में नेचुरल हीरे के कारोबार से भी बड़ा बाजार तैयार कर सकता है। अहम बात यह है कि इस हीरे की कीमत नेचुरल हीरे की तुलना में 25-30 फीसदी तक कम होती है। हालांकि कृत्रिम हीरे का एक ड्रॉबैक यह है कि इसकी रिसेल वैल्यू नेचुरल हीरे की तुलना में कुछ भी नहीं है।

7.5 कैरेट का क्यों दिया है हीरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7.5 कैरेट का ही हीरा क्यों गिफ्ट किया है। तो ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत इस साल आजादी के 75 वें साल का जश्न मना रहा है। इसी के मद्ददेनजर 7.5 कैरेट का हीरा गिफ्ट किया गया है। साथ ही इसके जरिए वह मेड इन इंडिया की ताकत को भी दुनिया को दिखाना चाहते हैं। और साल 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लैब डायमंड की ग्रोथ के लिए कई अहम घोषणाएं की थी। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इस समय करीब 3000 कंपनियां है जो लैब में बने डायमंड का निर्माण कर रही हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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