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प्रॉपर्टी बेचने की कर रहे हैं तैयारी? इन डॉक्यूमेंट्स को पहले जुटा लें वरना फंस जाएगी डील

घर बेचने के लिए अब पहले से कहीं अधिक कागजी कार्रवाई की आवश्यकता होती है और यह सही भी है। जो विक्रेता तैयार और व्यवस्थित दस्तावेजों के साथ बातचीत के लिए आगे बढ़ते हैं, वे तुरंत सौदा कर पाते हैं।

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प्रॉपर्टी बेचने के टिप्स

प्रॉपर्टी खरीदना और बेचना दोनों काफी जटिल काम है। ऐसा इसलिए कि इसम दोनों काम में आपको रिसर्च और बहुत सारे पेपर वर्क पूरे करने पड़ते हैं। तब जाकर आप घर, दुकान या ऑफिस खरीद या बेच पाते हैं। कई दफा यह भी देखने में मिलता है कि महीनों की प्लानिंग, मार्केट रिसर्च और कीमत पर बातचीत के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट के न होने की वजह से डील नहीं हो पाती है। ऐसा इसलिए कि आज के रियल एस्टेट मार्केट में, कागजी कार्रवाई सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गई है, बल्कि यह डील का एक अहम हिस्सा है। यहां हम उन डॉक्यूमेंट्स की जानकारी दे रहे हैं जो प्रॉपर्टी बेचने से पहले आपको तैयार रखना चाहिए।

स्वामित्व और मालिकाना हक का प्रमाणपत्र

किसी भी संपत्ति लेनदेन में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज Title and ownership proof होता है, जो विक्रेता से खरीदार को स्वामित्व हस्तांतरण को दर्ज करने वाला एक कानूनी दस्तावेज है।

लोन रीपेमेंट का प्रमाणपत्र

आज के समय के अधिकांश प्रॉपर्टी बैंक से लोन लेकर खरीदी जाती है। इसलिए प्रॉपर्टी बेचने में इसकी अहमियत काफी है। लोन रीपेमेंट का प्रमाणपत्र यह पुष्टि करता है कि संपत्ति पर कोई भी बंधक, धारणाधिकार या कानूनी दावा लंबित नहीं है। अगर संपत्ति होम लोन (home loan) लेकर खरीदी गई थी, तो विक्रेता को ऋण चुकता प्रमाणपत्र (loan closure certificate) और मूल प्रॉपर्टी पेपर ऋणदाता से वापस लेने की व्यवस्था करनी चाहिए।

बिल्डिंग प्लान और टैक्स सर्टिफिकेट

अगर आप प्रॉपर्टी बेच रहे हैं तो यह जरूरी है कि आपके पास स्थानीय विकास प्राधिकरण (local development authority) द्वारा स्वीकृत भवन योजना (sanctioned building plan) के साथ-साथ पूर्णता प्रमाणपत्र (Occupancy Certificate - OC) होना अनिवार्य है। विशेष रूप से OC इस बात का प्रमाण होता है कि इमारत का निर्माण स्वीकृत योजना के अनुसार ही किया गया है और यह कानूनी रूप से रहने के लिए उपयुक्त है। संपत्ति कर (Property tax) की रसीदें यह दर्शाती हैं कि सभी बकाया चुका दिए गए हैं। रजिस्ट्री के बाद बकाया कर खरीदार की जिम्मेदारी बन जाती है।

सोसाइटी और पहचान के दस्तावे

कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के अपार्टमेंट के लिए, सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना अनिवार्य है। यह इस बात की पुष्टि करता है कि यूनिट मेंटेनेंस (रखरखाव), पार्किंग, सिंकिंग फंड या किसी अन्य मद में कोई बकाया लंबित नहीं है। अंत में, विक्रेता के पास सरकार द्वारा जारी पहचान और पते का प्रमाण ([Aadhaar, पैन कार्ड) तैयार होना चाहिए। इसके साथ ही, अगर यह बिल्डर फ्लैट है तो डेवलपर से मिला मूल अलॉटमेंट लेटर और अगर रजिस्ट्री नहीं हुई तो पावर ऑफ अटॉर्नी के दस्तावेज होने चाहिए।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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