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PhonePe को IPO लाने के लिए सेबी से मिली मंजूरी, जानें कब तक आएगा आईपीओ?

वॉलमार्ट समर्थित डिजिटल पेमेंट्स फर्म PhonePe को मंगलवार को मार्केट रेगुलेटर SEBI से अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए रेगुलेटरी मंज़ूरी मिल गई। यह मंजूरी PhonePe द्वारा सितंबर में IPO के लिए गोपनीय फाइलिंग के बाद मिली है। अब उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) फाइल करेगी।

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आईपीओ

PhonePe को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बाजार (SEB) से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की मंजूरी मिल गई है और कंपनी जल्द ही इस संबंध में दस्तावेज (यूडीएचआरपी) दाखिल करेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे निकट भविष्य में भारत के सबसे बहुप्रतीक्षित वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए आईपीओ लाने का मंच तैयार हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, यह आईपीओ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगी। कंपनी आईपीओ के माध्यम से कोई अतिरिक्त प्राथमिक पूंजी नहीं जुटाएगी।

दूसरा सबसे बड़ा IPO

बेंगलुरु की पेमेंट दिग्गज कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग ने 2021 के आखिर में प्रतिद्वंद्वी Paytm के IPO के बाद दूसरी सबसे बड़ी न्यू ऐज कंपनी होगी। नोएडा स्थित Paytm का IPO वैल्यूएशन लगभग $20 बिलियन था, और IPO का साइज़ लगभग 18,000 करोड़ रुपये था।

फूड और ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy के IPO का साइज़ लगभग $1.35 बिलियन था, और कंपनी ने नवंबर 2024 में 11,300 करोड़ रुपये जुटाए थे।

डिजिटल भुगतान बाजार में अग्रणी कंपनी

यूपीआई लेनदेन में 45 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ फोनपे भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अग्रणी है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब लेनदेन प्रसंस्कृत किए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7,115 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था। फोनपे के सूचीबद्ध होने से भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम होगी अैर अन्य वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए भी सार्वजनिक बाजार में आने का रास्ता साफ होगा।

IPO में बेचने वाले शेयरहोल्डर्स

फोनपे के आईपीओ में वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट तीन शेयरहोल्डर हैं जो ऑफर फॉर सेल में हिस्सा लेना चाहते हैं, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी कम होगी।

कंपनी का फ्री कैश फ्लो भी पॉजिटिव हो गया, और साल के दौरान ऑपरेटिंग कैश फ्लो 1,202 करोड़ रुपये रहा। ESOP से जुड़े खर्चों को छोड़कर, इसका एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर 630 करोड़ रुपये हो गया। इंडस्ट्री के जानकारों ने कहा कि PhonePe की पब्लिक लिस्टिंग भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक सेक्टर के लिए एक अहम बेंचमार्क साबित हो सकती है, जिससे दूसरे फिनटेक यूनिकॉर्न कंपनियों के लिए भी पब्लिक मार्केट में आने का रास्ता खुल सकता है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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