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Petrol Diesel Price Today (07 May 2026): दिल्ली एनसीआर, लखनऊ, नॉएडा, जयपुर , मुंबई, इंदौर समेत जानें आज के पेट्रोल डीजल प्रति लीटर का रेट

Petrol Diesel LPG Price Today (07 May 2026) आज पेट्रोल डीजल का रेट क्या है?: भारत की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने आज भी कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया है।

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Petrol Diesel LPG Rate

Petrol Diesel LPG Price Today आज पेट्रोल डीजल का रेट क्या है?: आज 7 मई, 2026 को भी देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता का दौर बरकरार है और दरों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं देखा गया है। वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और करेंसी एक्सचेंज रेट में होने वाले बदलावों के बावजूद घरेलू रिटेल स्तर पर ईंधन की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। भारत की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने आज भी कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया है। हालांकि ये कंपनियां वैश्विक क्रूड कीमतों और विदेशी मुद्रा दरों के आधार पर रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं, लेकिन हालिया रुझानों को देखते हुए आम उपभोक्ताओं को कीमतों में स्थिरता से राहत मिली हुई है।

आज आपके शहर में पेट्रोल डीजल का रेट

शहरपेट्रोल की कीमत (₹/लीटर)डीजल की कीमत (₹/लीटर)
नई दिल्ली94.7787.67
कोलकाता105.4592.02
मुंबई103.5490.03
चेन्नई100.8092.39
नोएडा94.8887.98
गुडगाँव95.5187.97
बैंगलोर102.9290.99
चंडीगढ़94.3082.45
भुवनेश्वर100.9492.52
हैदराबाद107.4695.70

आपके शहर में एलपीजी का रेट

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2kg)कमर्शियल सिलेंडर (19kg)
दिल्ली₹913.0₹3071.5
मुंबई₹912.5₹3024.0
कोलकाता₹939.0₹3202.5
चेन्नई₹928.5₹3237.0
जयपुर₹916.5₹3099.0
पटना₹1002.5₹3347.0
बेंगलुरु₹915.5₹3152.0
पोर्ट ब्लेयर₹989.0₹3490.0
रांची₹970.5₹3252.0

थिंक टैंक ICRIER की रिपोर्ट के अनुसार, यदि पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, तो इसका सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पश्चिम एशिया के संकट के कारण यदि कच्चे तेल के दाम ऊंचे रहते हैं, तो मौजूदा कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखना मुमकिन नहीं होगा। ऐसे में थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि कीमतों का बोझ धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर डाला जाना चाहिए।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ऊर्जा आयात पर भारत की अत्यधिक निर्भरता के कारण मौजूदा मूल्य नीति को जारी रखना कठिन है, क्योंकि इसकी लागत हर साल जीडीपी के कम से कम 0.6% के बराबर बैठती है। इससे न केवल विकास कार्यों के लिए जरूरी बजट में कमी आएगी, बल्कि कर्ज लेकर इसकी भरपाई करने से सार्वजनिक ऋण भी बढ़ेगा। रिपोर्ट ने इस नीति को प्रतिगामी बताते हुए कहा कि पेट्रोलियम सब्सिडी का बड़ा लाभ अक्सर उच्च आय वाले परिवारों को मिलता है, जो पेट्रोल का अधिक उपयोग करते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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