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पेट्रोल-डीजल 3 रुपए तो दूध 2 रुपए हुआ महंगा, सोना भी पहुंचा 1.50 लाख के पार; एक हफ्ते में क्या क्या हो गया महंगा?

ये हफ्ता महंगाई के 'महा-विस्फोट' जैसा रहा है। जहां ईंधन की कीमतें बढ़ने से आवाजाही महंगी हुई है, वहीं दूध और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की थाली से राहत छीन ली है।

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Petrol Diesel CNG Expensive

मई 2026 का दूसरा हफ्ता आम आदमी की जेब के लिए किसी डरावने सपने जैसा साबित हुआ है। एक तरफ जहां भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी जरूरतों की चीजों के दामों में लगी आग ने मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। इस एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) से लेकर रसोई के दूध (Amul and MOther Dairy) और निवेश के सबसे पसंदीदा विकल्प सोने तक की कीमतों में भारी उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता और सप्लाई चेन की बाधाओं ने इस महंगाई को और हवा दी है। आइए आपको बताते हैं बीते एक हफ्ते में क्या क्या महंगा हो गया?

ईंधन की कीमतों ने बिगाड़ा गणित

तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की है। इस अचानक हुई वृद्धि ने न केवल वाहन चलाने वालों को झटका दिया है, बल्कि माल ढुलाई महंगी होने के कारण मंडियों में सब्जियों और फलों के दाम भी चढ़ने लगे हैं। दिल्ली-NCR में सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलो का इजाफा होने से अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सफर भी महंगा हो गया है। टैक्सी और ऑटो चालकों का कहना है कि अब एक फुल टैंक सीएनजी भरवाने पर ग्राहकों को पहले के मुकाबले ₹150 तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।

दूध और रसोई के खर्च में इजाफा

रसोई के बजट की बात करें तो अमूल और मदर डेयरी जैसे प्रमुख ब्रांडों ने इनपुट लागत और पैकेजिंग खर्च बढ़ने के कारण दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। इसका सीधा असर चाय, कॉफी और बच्चों के खान-पान पर पड़ रहा है। दूध महंगा होने से डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, दही और घी की कीमतों में भी आने वाले दिनों में उछाल आने की पूरी संभावना है।

सोने-चांदी के रिकॉर्ड दाम

निवेश बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक तनाव के कारण भारत में 24 कैरेट सोना ₹1.50 लाख से लेकर ₹1.80 लाख प्रति तोला के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। केवल सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों ने भी ₹3 लाख प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूकर सबको हैरान कर दिया है। अब शादी-ब्याह के सीजन में गहने खरीदना एक आम आदमी के लिए दूर की कौड़ी साबित हो रहा है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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