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Paytm Share Price: रॉकेट बने पेटीएम के शेयर, लेकिन क्यों, क्या है वजह?

Paytm Share Price: ऑडिट रिपोर्ट छह महीने के भीतर आरबीआई को जमा करनी होगी, अन्यथा इन-प्रिंसिपल मंजूरी स्वतः रद्द हो जाएगी। इसके अलावा, PPSL को किसी भी शेयरहोल्डिंग या ओनरशिप में बदलाव के लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी।

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पेटीएम के शेयरों में तेजी (तस्वीर-टाइम्स नाउ)

Photo : Times Now Digital

Paytm share price: वन 97 कम्युनिकेशंस, जो पेटीएम की पैरेंट कंपनी है, के शेयर बुधवार को एनएसई पर 5.27% उछलकर 1,183.60 रुपये पर पहुंच गए। यह बढ़त भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली यूनिट पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिलने के बाद देखी गई।

पेटीएम के शेयर का हाल

पेटीएम के शेयर हाल के समय में सकारात्मक रुझान दिखा रहे हैं। पिछले एक साल में स्टॉक ने 132% से अधिक का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। शॉर्ट टर्म में देखें तो एक महीने में 20% और छह महीने में करीब 55% की बढ़त दर्ज की है।

आरबीआई की शर्तें

आरबीआई ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि PPSL को दी गई मंजूरी पेमेंट एग्रीगेटर (PA) गतिविधियों तक सीमित होगी, जैसा कि मार्च 2021 में जारी गाइडलाइंस में परिभाषित है। इस दायरे से बाहर के लेन-देन, जैसे मर्चेंट ‘पेय-आउट्स’, पीए संचालन के लिए बने एस्क्रो अकाउंट से प्रोसेस नहीं किए जा सकेंगे।

साथ ही, आरबीआई ने PPSL को निर्देश दिया है कि वह सिस्टम ऑडिट और साइबर सिक्योरिटी ऑडिट करवाए, जो या तो CERT-In द्वारा पैनल में शामिल ऑडिटर या CISA/DISA प्रमाणित पेशेवर द्वारा किया जाना चाहिए। यह ऑडिट मास्टर डायरेक्शन ऑन साइबर रेजिलियंस और डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी कंट्रोल्स, तथा पेमेंट सिस्टम डेटा स्टोरेज संबंधी सर्कुलर के अनुपालन की भी जांच करेगा।

ऑडिट रिपोर्ट छह महीने के भीतर आरबीआई को जमा करनी होगी, अन्यथा इन-प्रिंसिपल मंजूरी स्वतः रद्द हो जाएगी। इसके अलावा, PPSL को किसी भी शेयरहोल्डिंग या ओनरशिप में बदलाव के लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी।

ब्रोकरेज फर्म ने क्या दी रेटिंग?

ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने पेटीएम पर ‘खरीदें’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। फर्म का मानना है कि यह मंजूरी कंपनी के लिए एक अहम रेगुलेटरी माइलस्टोन है और नवंबर 2022 से नए मर्चेंट को ऑनबोर्ड करने पर लगी रोक भी खत्म हो जाएगी।

जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, यह मंजूरी पेटीएम के FY27E EBITDA में लगभग 5% की बढ़ोतरी कर सकती है। फर्म ने पेटीएम का मूल्यांकन 40 गुना जून 2027 के एडजस्टेड EBITDA (18.5 अरब रुपये) के आधार पर किया है और जून 2026 तक 1,320 रुपये के टारगेट प्राइस का अनुमान लगाया है, जो मौजूदा कीमत से करीब 17.9% ऊपर है। इसके अलावा, UPI मोनेटाइजेशन और पेटीएम वॉलेट जैसी संभावित मंजूरियां EBITDA अनुमान में 25-30% तक और बढ़ोतरी कर सकती हैं।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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