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Paytm And Employee Case: पेटीएम की लेबर कमिश्नर के सामने पेशी, बर्खास्त कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस की मांग पर लिया यूटर्न

Paytm And Employee Case: पेटीएम से निकाले जाने के बाद, कंपनी द्वारा कर्मचारी से जब‘ज्वाइनिंग बोनस’की मांग की गई। तो वह इसकी शिकायत लेकर श्रम विभाग पहुंच गया। जिसके बाद दोनों पक्षों की बेंगलुरू में श्रम आयुक्त के सामने पेशी हुई। और उसी के आधार पर अब सहमति बनी है।

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पेटीएम में छंटनी

Photo : PTI

Paytm And Employee Case: एक कर्मचारी की कथित बर्खास्तगी पर श्रम मंत्रालय से फटकार लगने के बाद पेटीएम प्रबंधन बुधवार को क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के समक्ष पेश हुआ और कर्मचारी से ‘ज्वाइनिंग बोनस’ की वसूली न करने पर सहमत हो गया।आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पेटीएम ने इस कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर भी सहमति जताई है। हालांकि सूत्रों ने पेटीएम से जुड़े रहे इस कर्मचारी का नाम नहीं बताया। इसके अलावा कर्मचारी ने क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु की मौजूदगी में नौकरी से हटाए जाते समय पेटीएम की तरफ से की गई वित्तीय पेशकश को स्वीकार कर लिया है।

क्या है मामला

असल में पेटीएम से निकाले जाने के बाद, कंपनी द्वारा कर्मचारी से जब‘ज्वाइनिंग बोनस’की मांग की गई। तो वह इसकी शिकायत लेकर श्रम विभाग पहुंच गया। जिसके बाद दोनों पक्षों की बेंगलुरू में श्रम आयुक्त के सामने पेशी हुई। और उसी के आधार पर अब सहमति बनी है। पीटीआई-भाषा के अनुसार हालांकि इस मुद्दे पर ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कर्मचारी ने क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु की मौजूदगी में नौकरी से हटाए जाते समय पेटीएम की तरफ से की गई वित्तीय पेशकश को स्वीकार कर लिया है।सूत्रों ने कहा कि बातचीत के बाद दोनों पक्षों की संतुष्टि के लिए शिकायत का निपटान कर दिया गया है।

क्या बनी सहमति

सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु ने पेटीएम में कथित बर्खास्तगी के तौर-तरीकों को लेकर एक कर्मचारी की तरफ से शिकायत दायर किए जाने के बाद तेजी से कार्रवाई की और फौरन ही कंपनी को नोटिस जारी किया।उन्होंने कहा, "पेटीएम प्रबंधन का प्रतिनिधि बुधवार को आयुक्त के सामने पेश हुआ और ‘ज्वाइनिंग बोनस’ की वसूली नहीं करने और कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर सहमत हुआ। हालांकि पेटीएम के कुछ अन्य कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी कथित तौर पर पेटीएम द्वारा जबरन बर्खास्तगी के तरीके पर अपना असंतोष व्यक्त किया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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