प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मई 2026 को हैदराबाद में एक रैली के दौरान देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीददारी से बचने की बड़ी अपील की है। पीएम मोदी की इस अपील पर दिल्ली और देश के ज्वैलरी और सोने के कारोबार से जुड़े हुए व्यापारियों और कंपनियों में हड़कंप मच गया है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस अपील के बाद ज्वैलरी इंडस्ट्री से जुड़े हुए सैकड़ों व्यापारियों ने इसको लेकर अपनी चिंता जताई है।
घट सकती है सोने की खपत
CTI के अनुसार भारत , चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता देश है और भारत में प्रतिवर्ष 700 से 800 टन सोने की खपत होती है। पीएम मोदी की इस अपील के बाद भारत में सोने की खपत 800 टन से घटकर 500 टन तक जा सकती है।
सुनार कर सकते हैं कर्मचारियों की छंटनी
ज्वैलर्स का मानना है कि इस तरह के आह्वान से ग्राहकों में डर का माहौल बनता है, जिससे सोने की बिक्री, विशेषकर शादियों के सीजन में काफी कम हो सकती है। छोटे ज्वैलर्स, सुनार और कारीगरों को डर है कि अगर एक साल तक सोने की बिक्री नहीं हुई तो उनको कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी होगी और कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ सकती है।
गहनों की मांग में भारी गिरावट की आशंका
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जबकि भारत मे शादियों का सीजन पीक पर है, ऐसे में ज्वैलरी इंडस्ट्री को डर है कि इससे गहनों की मांग में भारी गिरावट आ सकती है। CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि सोना भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है और शादियों में अनिवार्य माना जाता है इसलिए यह इंडस्ट्री और आम लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण समय है।
प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ेगा असर?
CTI के अनुसार शेयर बाजार में टाइटन, सेनको गोल्ड, कल्याण ज्वैलर्स जैसी प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक यह अपील ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है और ज्वेलरी इंडस्ट्री को अपनी व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने के अब नयी रणनीतियां अपनानी पड़ेगी।
