भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्त वर्ष (FY 2026-27) शुरू होने जा रहा है। यह तारीख केवल कैलेंडर बदलने के लिए नहीं, बल्कि आपकी जेब और बैंकिंग आदतों में बड़े बदलाव लाने वाली है। इस बार सरकार और आरबीआई कई ऐसे नियम लागू कर रहे हैं जो आपकी सैलरी स्लिप से लेकर रसोई के बजट तक पर सीधा असर डालेंगे। इन नियमों को समय रहते समझना इसलिए जरूरी है ताकि आप बेहतर टैक्स प्लानिंग कर सकें और अनचाहे आर्थिक झटकों से बच सकें। ऐसे में आइए आपको बताते हैं 1 अप्रैल की सुबह से क्या क्या बदलाव होने वाला है?
सैलरी और टैक्स में बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव 'नया आयकर अधिनियम 2025' के रूप में आ रहा है, जो दशकों पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। नए लेबर कोड के तहत अब कंपनियों के लिए कर्मचारी की बेसिक सैलरी को कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि आपका पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी योगदान बढ़ जाएगा। हालांकि इससे रिटायरमेंट के लिए आपकी बचत तो बढ़ेगी, लेकिन हर महीने हाथ में आने वाली 'टेक-होम सैलरी' थोड़ी कम हो सकती है। वहीं, पुराने टैक्स सिस्टम में रहने वालों के लिए HRA छूट के नियम सख्त हो गए हैं। अब यदि आप सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो नए 'फॉर्म 124' में मकान मालिक का पैन कार्ड देना होगा और यह भी बताना होगा कि वह आपका रिश्तेदार है या नहीं।
बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अब ऑनलाइन पेमेंट के लिए सिर्फ OTP काफी नहीं होगा। सुरक्षा की दूसरी परत जैसे PIN, बायोमेट्रिक (Fingerprint) या डिवाइस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
- ATM ट्रांजैक्शन चार्ज: UPI के जरिए ATM से निकाला गया कैश भी आपकी 'फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट' में गिना जाएगा। लिमिट खत्म होने पर हर बार करीब ₹23 का चार्ज देना पड़ सकता है।
- PNB कैश लिमिट: पंजाब नेशनल बैंक ने डेबिट कार्ड से डेली कैश निकालने की लिमिट को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया है।
सैलरी और टैक्स
- नया आयकर अधिनियम 2025: 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह अब नया और सरल Income Tax Act 2025 लागू होगा।
- सैलरी स्ट्रक्चर (50% बेसिक): आपकी Basic Salary कुल CTC का कम से कम 50% होनी चाहिए। इससे आपका PF और ग्रेच्युटी तो बढ़ेगी, लेकिन हाथ में आने वाली (Take-home) सैलरी कम हो सकती है।
- HRA के कड़े नियम: अगर सालाना किराया ₹1 लाख से ज्यादा है, तो Form 124 में मकान मालिक का PAN देना होगा और यह भी बताना होगा कि वह आपका रिश्तेदार है या नहीं।
- क्रेडिट कार्ड से टैक्स: अब आप अपना इनकम टैक्स क्रेडिट कार्ड के जरिए भी भर सकेंगे, हालांकि इस पर अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस लग सकती है।
पैन और क्रेडिट कार्ड
- PAN कार्ड के लिए सख्ती: नया पैन बनवाने या सुधार के लिए अब सिर्फ आधार कार्ड काफी नहीं होगा; अतिरिक्त सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स देना अनिवार्य होगा।
- बड़े खर्चों की रिपोर्टिंग: साल भर में ₹10 लाख से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल या ₹1 लाख से ज्यादा कैश पेमेंट करने पर इसकी जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को दी जाएगी।
- कॉर्पोरेट कार्ड: कंपनी के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अगर पर्सनल काम के लिए किया गया, तो इसे 'बेनिफिट' मानकर उस पर टैक्स वसूला जाएगा।
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी
- LPG की कीमतें: हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अप्रैल को भी घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों की समीक्षा होगी।
- 20% एथेनॉल पेट्रोल (E20): पूरे देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य होगा। इससे प्रदूषण कम होगा, लेकिन पुरानी गाड़ियों का माइलेज 3% से 7% तक कम हो सकता है।
