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व्यापार के लिए पाकिस्तान के सामने कई मुश्किलें, खो चुका सबसे सस्ता और आसान जमीनी रास्ता

Pakistan Trade: भारत और अफगानिस्तान के साथ सीमा बंद होने के कारण पाकिस्तान के व्यापार के विकल्प सीमित हो गए हैं। समुद्री मार्ग महंगा और धीमा है, हवाई मार्ग छोटे पैमाने के लिए ही संभव है और चीन-ईरान के रास्ते भी जोखिम और महंगे हैं। पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता अब समुद्र और चीन पर ज्यादा बढ़ गई है। अगर भविष्य में बलूचिस्तान या किसी अन्य पड़ोसी देश के रास्ते बंद हो जाएं, तो पाकिस्तान की व्यापारिक स्थिति और कठिन हो सकती है।

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पाकिस्तान-अफगान सीमा बंद होने से अर्थव्यवस्था पर असर (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Pakistan Trade : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण दोनों देशों की सीमा बंद हो गई है। सीमा बंद होने के कारण पाकिस्तान के लिए व्यापारिक रास्ते सीमित हो गए हैं और इससे उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अफगानिस्तान ने हालांकि कहा है कि सीमा बंद होने के बावजूद वहां व्यापार रुक नहीं पाया और सामान की आवाजाही जारी है। लेकिन पाकिस्तान के स्थानीय लोगों और व्यापारियों को इससे काफी नुकसान हो रहा है।

समुद्री मार्ग ही बचा सबसे अहम विकल्प

पाकिस्तान के लिए अब व्यापार का सबसे भरोसेमंद रास्ता समुद्र के जरिए है। कराची, पोर्ट कासिम और ग्वादर पोर्ट पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन बंदरगाहों के जरिए तेल, गैस, अनाज और मशीनरी जैसे भारी और जरूरी सामान आयात और निर्यात किए जाते हैं। भारत और अफगानिस्तान के रास्ते बंद होने के कारण पाकिस्तान को समुद्री मार्ग पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ रहा है। समुद्री व्यापार महंगा और धीमा है। इसमें बीमा और फ्रेट चार्ज भी अधिक होते हैं। इसलिए पाकिस्तान को अब अपने व्यापार में ज्यादा खर्च और समय लगाना पड़ रहा है।

चीन और मिडिल ईस्ट के साथ व्यापार

पाकिस्तान चीन, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के देशों के साथ डायरेक्ट व्यापार करता है। लेकिन सीमा बंद होने के कारण भारत के रास्ते अब सीधे व्यापार नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान को समुद्री मार्ग और चीन के रास्ते पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ रहा है। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पाकिस्तान के लिए एक अहम विकल्प है। इस प्रोजेक्ट के जरिए शिनजियांग से ग्वादर तक रोड और रेल नेटवर्क बनाया गया है। इससे पाकिस्तान और चीन के बीच आयात-निर्यात आसान होगा। लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान को चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।

ईरान के रास्ते व्यापार में बाधा

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान और ईरान के बीच ताफ्तान बॉर्डर के जरिए सीमित व्यापार होता है। इसमें ईंधन, फल और निर्माण सामग्री शामिल हैं। लेकिन अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण बैंकिंग और भुगतान प्रणाली में बाधा आती है। इसके अलावा यह रास्ता बलूचिस्तान से होकर गुजरता है। हालिया रिपोर्ट्स में बलूचिस्तान में हालात तनावपूर्ण बताए गए हैं। अगर पाकिस्तान और बलूचिस्तान के संबंध बेहतर नहीं हुए, तो यह रास्ता भी व्यापार के लिए मुश्किल बन सकता है।

हवाई मार्ग महंगा और सीमित

तीसरा विकल्प पाकिस्तान के लिए हवाई मार्ग है। हालांकि यह तेज है, लेकिन बड़े पैमाने पर व्यापार के लिए बहुत महंगा और असुविधाजनक है। इस वजह से पाकिस्तान ने अपना सबसे सस्ता और कम समय वाला व्यापार मार्ग खो दिया है। अब वह समुद्र और चीन पर अत्यधिक निर्भर हो गया है।

मध्य एशिया तक पहुंच मुश्किल

पाकिस्तान के लिए मध्य एशिया तक सीधे व्यापार की पहुंच लगभग बंद हो चुकी है। चीन और ईरान के रास्ते तो विकल्प हैं, लेकिन इनमें कई समस्याएं हैं। चीन के रास्ते मध्य एशिया तक पहुंचने के लिए लंबा रूट, पहाड़ी इलाका, ज्यादा लागत और कई देशों से होकर गुजरना पड़ता है। अलग-अलग देश अलग नियम, टैक्स और मुद्रा लागू करते हैं, जिससे व्यापार और महंगा और जटिल हो जाता है। सुरक्षा और बीमा का खर्च भी बढ़ जाता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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