Crude Oil Price Fall: बुधवार को कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 3 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की गिरावट आई। सऊदी अरब और रूस ने 2023 के अंत तक कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती जारी रखने का फैसला किया है। मगर बावजूद इसके कच्चे तेल के दाम घटे हैं।
दरअसल मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियों के कारण कच्चे तेल की मांग प्रभावित होने की आशंका है। इसी से सऊदी अरब और रूस के फैसले का असर कम हो गया। ओपेक (OPEC) की जॉइंट मिनिस्ट्रियल मॉनिटरिंग कमिटी (जेएमएमसी) की ऑनलाइन बैठक में बुधवार को भी कच्चे तेल के उत्पादन को कम रखने का फैसला बरकरार रखा गया।
कितना कम हुआ क्रूड ऑयल का रेट
ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर 3.30 डॉलर या 3.63 प्रतिशत गिरकर 87.62 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (डब्ल्यूटीआई) 3.29 डॉलर या 3.69 प्रतिशत गिरकर 85.94 डॉलर पर आ गया।
कारोबार के दौरान ब्रेंट 1 सितंबर के बाद से अपने सबसे निचले स्तर तक गिरा। इंट्रा डे में इसका निचला स्तर 87.55 डॉलर प्रति बैरल रहा। रॉयटर्स के अनुसार WTI का इंट्राडे 85.86 डॉलर का निचला स्तर 5 सितंबर के बाद से सबसे कम रहा।
कितना होगा क्रूड ऑयल का प्रोडक्शन
सऊदी अरब और रूस ने ऐलान किया है कि वे साल के अंत तक प्रति दिन 1.3 मिलियन बैरल (एमबीपीडी) की तेल सप्लाई करेंगे। जुलाई में इन दो कच्चे तेल के धनी देशों ने उत्पादन में कटौती का ऐलान किया था। इससे कच्चे तेल की कीमतें 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।
एमसीएक्स पर क्या हैं रेट
भारत में देखें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 19 अक्टूबर की एक्सपायरी के लिए क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 4.31 प्रतिशत गिरकर 7,127 डॉलर प्रति बीबीएल (बैरल) पर ट्रेड कर रहा था। सेशन के दौरान ये 7,107 डॉलर प्रति बीबीएल और 7,437 डॉलर प्रति बीबीएल के बीच रहा। उससे पिछले सेशन में यह 7,448 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।
