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8th Pay Commission : जयपुर में अहम बैठक से पहले, बोनस 3 गुना बढ़ाने की मांग

8वां वेतन आयोग देशभर में तमाम हितधारकों के साथ बैठकें की जा रही हैं। सोमवार 31 अगस्त को जयपुर की बैठक से पहले नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) ने केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस में 3 गुना बढ़ोरती की मांग रखी है।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission Jaipur Meeting 31 August : 8वें वेतन आयोग की 31 अगस्त को जयुपर में होने वाली बैठक से ठीक पहले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बोनस को लेकर बड़ी मांग सामने आई है। राष्ट्रीय परिषद कर्मचारी पक्ष (NCJM) ने केंद्र सरकार से बोनस की अधिकतम सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग की है। कर्मचारी पक्ष का तर्क है कि जब केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन की सीमा बढ़ाकर ₹21,000 कर दी है, तो बोनस की गणना की सीमा भी उसी के अनुरूप बढ़ाई जानी चाहिए।

राष्ट्रीय परिषद संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त, 2026 को कैबिनेट सचिव और राष्ट्रीय परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह मांग रखी है। यह मांग ऐसे समय आई है जब 31 अगस्त को जयपुर में आठवें वेतन आयोग से जुड़ी बैठक प्रस्तावित है और केंद्रीय कर्मचारियों की नजर वेतन, भत्तों और दूसरे लाभों में संभावित बदलाव पर है।

पहले भी उठाई गई मांग

कर्मचारी पक्ष ने कहा है कि मौजूदा बोनस सीमा अब पुरानी पड़ चुकी है। राष्ट्रीय परिषद की 11 मई 2026 को हुई 49वीं बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में सरकार की ओर से कहा गया था कि बोनस की सीमा में बढ़ोतरी पर तभी विचार किया जा सकता है, जब बोनस भुगतान से जुड़ी वेतन सीमा में संशोधन किया जाए। अब 25 अगस्त 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचनाओं के बाद कर्मचारी पक्ष ने सरकार से अपनी पुरानी मांग लागू करने को कहा है।

सरकार की नई अधिसूचना में क्या बदला?

25 अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक अगर किसी कर्मचारी की बोनस के लिए पात्र मजदूरी ₹7,000 प्रति माह से ज्यादा है, तो बोनस की गणना ₹7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन, इनमें से जो ज्यादा हो, उसके आधार पर की जाएगी। एक दूसरी अधिसूचना में बोनस पाने की पात्रता की सीमा ₹21,000 मासिक वेतन तक तय की गई है। दोनों अधिसूचनाओं को 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। यही प्रावधान अब कर्मचारी पक्ष की मांग का आधार बना है। राष्ट्रीय परिषद का कहना है कि जब केंद्र सरकार का न्यूनतम वेतन ₹21,000 हो चुका है, तो बोनस की गणना केवल ₹7,000 की सीमा पर करना व्यावहारिक नहीं है।

दशहरा से पहले बोनस पर नजर

केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की नजर अब सरकार के अगले आदेश पर है। दशहरा नजदीक होने के कारण उत्पादकता आधारित बोनस, बोनस या तदर्थ बोनस के भुगतान से जुड़े आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय परिषद ने सरकार से कहा है कि बोनस की संशोधित सीमा से जुड़े जरूरी आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को आगामी त्योहार के दौरान इसका सीधा लाभ मिल सके।

कर्मचारियों को कितना फायदा हो सकता है?

अगर सरकार ₹21,000 की नई बोनस सीमा को मंजूरी देती है, तो बोनस की गणना का आधार मौजूदा ₹7,000 की तुलना में तीन गुना हो जाएगा। इसका फायदा बड़ी संख्या में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है। कर्मचारी पक्ष का कहना है कि बढ़ती महंगाई और संशोधित न्यूनतम वेतन को देखते हुए बोनस व्यवस्था को भी बदली हुई वेतन संरचना के साथ जोड़ा जाना जरूरी है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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