Taxpayers In India: मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं। उम्मीद है कि बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे सैलरी क्लास को राहत मिल सकती है। मगर क्या आप जानते हैं कि कितने भारतीय टैक्स चुकाते हैं? वैसे तो भारतीय किसी न किसी तरह टैक्स चुकाते ही हैं, मगर देश में व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या बहुत कम है। भारत में हर 1000 में से केवल 4 लोग ही व्यक्तिगत करदाता की कैटेगरी में आते हैं।
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देश में 62 लाख टैक्सपेयर्स
विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में भारत की जनसंख्या 142 करोड़ थी। मगर इनमें से सिर्फ 62 लाख (कुल आबादी का करीब 0.4 प्रतिशत) लोग ही इंडीविजुअल टैक्सपेयर हैं, जिन्होंने टैक्स भरा। यानी हर 1000 में से लगभग 4 भारतीय ही अधिकतर आयकर चुकाते हैं। देखा जाए तो बहुत से लोगों के पास गाड़ी, बड़े घर और बाकी संपत्ति है, मगर वे टैक्स अदा नहीं करते।
सरकार का टैक्स रेवेन्यू कितना
महालेखा नियंत्रक (Controller General of Accounts) के आंकड़ों के मुताबिक 2023-24 में केंद्र सरकार का ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू 34.6 लाख करोड़ रु रहा। इनमें 62 लाख व्यक्तिगत करदाताओं ने 4.9 लाख करोड़ रु का टैक्स चुकाया, जो इनकम टैक्स का 86 प्रतिशत से अधिक है।
किससे कितना रेवेन्यू आता है
सरकार को कंपनी और व्यक्तिगत आयकर से जितना डायरेक्ट या इनडायरेक्ट टैक्स मिलता है वो सकल कर राजस्व का 44.5 प्रतिशत हिस्सा होता है। वहीं बाकी रेवेन्यू व्यक्तिगत आयकर और कारपोरेट आयकर से मिलता है, यानी 55.5 प्रतिशत।
2023-24 में केंद्र सरकार को अलग-अलग टैक्स के जरिए 34.6 लाख करोड़ रु का रेवेन्यू मिला था। इसमें से 10.1 लाख करोड़ रुपये ही व्यक्तिगत आयकर के रहे।
