ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो (Zomato) से खाना मंगवाना अब उन लोगों के लिए थोड़ा और महंगा हो गया है जो डिजिटल पेमेंट के बजाय कैश ऑन डिलीवरी (COD) यानी नकद भुगतान का विकल्प चुनना पसंद करते हैं। कंपनी ने अब कैश से भुगतान करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त चार्ज वसूलना शुरू कर दिया है, जिससे खाने का कुल बिल बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स द्वारा साझा की गई रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए कैश ऑन डिलीवरी चार्ज की शुरुआती कीमत कम से कम 5 रुपये है, जो अलग-अलग लोकेशन और ऑर्डर के हिसाब से बढ़कर लगभग 20 रुपये तक पहुंच सकती है। इस नए बदलाव के पीछे का मुख्य कारण ग्राहकों को डिजिटल ट्रांजैक्शन की ओर बढ़ावा देना और नकद राशि को संभालने में आने वाले लॉजिस्टिक खर्च को संतुलित करना माना जा रहा है।
आपको क्या करना चाहिए?
अगर आप भी फूड डिलीवरी ऐप्स पर अतिरिक्त शुल्क या छुपे हुए चार्जेस से बचना चाहते हैं, तो समझदारी इसी में है कि आप कैश ऑन डिलीवरी की बजाय यूपीआई (UPI), क्रेडिट कार्ड या वॉलेट जैसे ऑनलाइन पेमेंट तरीकों का इस्तेमाल करें। इससे न केवल आपको इस नए अतिरिक्त चार्ज से राहत मिलेगी, बल्कि आपका खाना भी थोड़े कम खर्च में आपके घर तक पहुंच जाएगा।
Zomato पर लगते हैं ये चार्जेज
जोमैटो (Zomato) से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते वक्त आपके बिल में सिर्फ खाने की कीमत ही नहीं, बल्कि कई तरह के अन्य शुल्क भी जुड़ जाते हैं, जो आपके कुल खर्च को काफी बढ़ा देते हैं। इनमें मुख्य रूप से डिलीवरी चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस, खाने के सामान पर लगने वाला जीएसटी, डिलीवरी पार्टनर फीस पर जीएसटी, प्लेटफॉर्म फीस पर जीएसटी, रेस्टोरेंट द्वारा लिया जाने वाला पैकिंग चार्ज और अब हाल ही में जुड़ा कैश ऑन डिलीवरी (COD) का एक्स्ट्रा चार्ज शामिल है। इन सभी छोटे-बड़े शुल्कों के कारण ऑर्डर का फाइनल अमाउंट काफी ज्यादा हो जाता है।
अपनी आय और मुनाफे को बढ़ाने के लिए कंपनी समय-समय पर इन शुल्कों में बदलाव करती रहती है। इससे पहले जोमैटो ने इस साल मार्च के महीने में अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की थी, जिसके तहत इस चार्ज को 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दिया गया था। मौजूदा समय में कंपनी के मोबाइल ऐप पर नजर डालें तो प्लेटफॉर्म फीस बिना जीएसटी के लगभग 14.99 रुपये तक दिखाई जा रही है।
