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Onion Export: बांग्लादेश हिंसा से प्याज कारोबारियों की बढ़ी मुश्किल, बॉर्डर पर फंसे 70-80 ट्रक

Onion Export: देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी नासिक से बांग्लादेश को बड़ी मात्रा प्याज की खेप निर्यात के लिए भेजी गई थी। अनुमान है कि 70 से 80 ट्रक बांग्लादेश की सीमा के पास फंसे हैं।

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बांग्लादेश हिंसा से प्याज निर्यात अटका

Photo : iStock

Onion Export:बांग्लादेश में चल रही हिंसा का महाराष्ट्र के प्याज व्यापार पर असर होने लगा है। आलम यह है कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर नासिक से गए कई प्याज के ट्रक फंसे गए हैं। अनुमान है कि 70 से 80 ट्रक बांग्लादेश की सीमा के पास फंसे हैं। हाल ही में भारत सरकार ने बांग्लादेश के लिए 80 हजार टन प्याज निर्यात की अनुमति दी थी। उसके बाद देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी नासिक से बांग्लादेश को बड़ी मात्रा प्याज की खेप निर्यात के लिए भेजी गई थी। असल में बॉर्डर पर जिस तरह हालात हैं, उसके बाद से ट्रकों का बांग्लादेश में मूवमेंट रुक गया है। इस कारण प्याज का स्टॉक खराब होने का भी डर बढ़ गया है।

पीएम मोदी को लिखा लेटर

प्याज उत्पादक की समस्या पर स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने बांग्लादेश सीमा के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने लेट में बांग्लादेश की सीमा खोलकर परिवहन सुचारू करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। और कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार से बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार से संपर्क करने की अपील की है। पत्र में उल्लेख किया कि बांग्लादेश की स्थिति का प्याज उत्पादक किसानों पर पड़ रहा है।

प्याज के दाम बढ़ने से खाना हुआ महंगा

इस बीच जुलाई में प्याज, टमाटर और आलू जैसी सब्जियों के दाम बढ़ने से घर के खाने का खर्च बढ़ गया है। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार शाकाहारी थाली 11 फीसदी महंगी हो गई है। इसमें प्याज की अहम भूमिका रही है। प्याज के दाम 20 फीसदी बढ़े हैं। अगर बांग्लादेश में प्याज सप्लाई नहीं होती है तो ये प्याज भारतीय बाजार में ही इस्तेमाल होगा। ऐसे में घरेलू बाजार में कीमतें गिर सकती हैं। हालांकि किसानों के लिए नई चुनौती खड़ी हो जाएगी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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