India Economic Conclave 2023 : बीते नौ सालों में परिवहन क्षेत्र काफी बदल गया है। इसमें एक तरह से क्रांति आ चुकी है। यात्रियों की संख्या इस कदर बढ़ गई है कि मांग और आपूर्ति में संतुलन लाना विमानन कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसकी वजह से हाल के दिनों में एयर टिकट के दामों में भारी उछाल आया है। ये बातें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में कही।
बड़ी संख्या में लोग प्लेन से यात्रा करना चाहते हैं-सिंधिया
इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 में सिंधिया ने कहा कि बीते नौ सालों में परिवन क्षेत्र काफी बदल गया है। इसकी वजह बताते हुए सिंधिया ने कहा कि देश में शहरीकरण तेजी से हुआ है। करीब 34 प्रतिशत आबादी अब शहरों में रह रही है। आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ने जा रही है। दूसरा, लोगों की आय बढ़ी है। हवाई यात्रा करने वाला एक नया वर्ग पैदा हुआ है। इस नए वर्ग की अपनी आकांक्षाएं एवं सपने हैं। आज बड़ी संख्या में लोग विमान से यात्रा करना चाहते हैं।
1200 से 1400 से प्लेन उड़ान भरेंगे
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बीते दो वर्षों में घरेलू उड़ान करने वाले यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए हमने नौ साल में 74 एयरपोर्ट बनाए हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले तीन से चार सालों में देश में 200 से ज्यादा एयरपोर्ट काम करने लगेंगे। 2014 से पहले देश में 400 विमान यात्री सेवा दे रहे थे। अभी इनकी संख्या बढ़कर 700 हो गई है। अगले तीन से चार साल में 1200 से 1400 से प्लेन उड़ान भरेंगे।
अगले कुछ महीने में उड़ान.1 योजना शुरू होगी
सिंधिया ने कहा कि हमारी कोशिश टायर-2 और टायर-3 शहरों को विमानन सेवा से जोड़ने की है। हमारी योजना छोटी जगहों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा एवं छोटे विमान शुरू करने की है। हम अंतिम कनेक्टिविटी तक अपनी सेना पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में हम अगले कुछ महीने में उड़ान.1 योजना शुरू करेंगे।
'टिकट के दाम हम नहीं तय करते'
यात्री किराए में हुई बेतहाशा वृद्धि के सवाल पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्यातिरादित्य सिंधिया ने टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में कहा कि नागरिक उड्डयन विभाग डी-रेगुलेटेड सेक्टर है। मंत्रालय विमान के टिकटों का किराया तय नहीं करता। कीमत बढ़ने की वजहों के बारे में सिंधिया ने बताया कि उड्डयन क्षेत्र के सामने विचित्र स्थिति पैदा हो गई है।
'महंगे टिकट पर विमानन कंपनियों से बात करेंगे'
दो साल पहले तक सभी विमान ग्राउंड पर थे और कोई यात्री नहीं था। आज सभी विमान सेवा में हैं लेकिन यात्रियों की डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है। मांग और आपूर्ति का ऐसा असंतुलन पहले कभी नहीं देखा गया था। विमानन कंपनियां सेवा देने के लिए और विमान चाहती हैं लेकिन वैश्विक आपूर्तिकर्ता विमानों की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। उनकी अपनी समस्याएं हैं। फिर भी जहां तक प्राइसिंग का सवाल है हम इस बारे में विमान कंपनियों से बात करेंगे।
