सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी ने गुजरात और राजस्थान में अपने सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए 359.58 मेगावाट नई बिजली क्षमता जोड़ी है। इसके साथ ही समूह की कुल कमर्शियल बिजली क्षमता 85.5 गीगावाट (85,541 मेगावाट) से ज्यादा हो गई है। एनटीपीसी के एक बयान के अनुसार, अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता में एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड की गुजरात स्थित 1,255 मेगावाट की खावड़ा-1 सोलर पीवी प्रोजेक्ट से 243.66 मेगावाट, राजस्थान के नोख सोलर पीवी प्रोजेक्ट से 78 मेगावाट, और गुजरात के एक अन्य सोलर प्रोजेक्ट से 37.92 मेगावाट बिजली शामिल है।
यह सभी परियोजनाएं एनटीपीसी की सहयोगी कंपनियों द्वारा चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही, एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित कमर्शियल क्षमता 85,541 मेगावाट (85.541 गीगावाट) तक पहुंच गई है।
एक चौथाई जरूरत को पूरा करता है
एनटीपीसी देश की कुल बिजली जरूरतों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पूरा करता है। कंपनी के पास अभी 85 गीगावाट से ज्यादा की क्षमता है और लगभग 30.9 गीगावाट नई क्षमता पर काम चल रहा है। इसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी शामिल है।
एनटीपीसी ने साल 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा बनाने का लक्ष्य रखा है। इससे भारत के नेट जीरो (कम प्रदूषण) के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कंपनी कोयला, पानी, सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाकर देश को सस्ती और भरोसेमंद बिजली देने पर काम कर रही है।
नए क्षेत्रों में काम कर रहा एनटीपीसी
बिजली बनाने के साथ-साथ एनटीपीसी अब ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, कचरे से ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में भी काम कर रही है। एनटीपीसी ने अपनी 18वीं लेंडर्स मीट का आयोजन किया, जिसमें देश-विदेश के बड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में कंपनी की प्रगति, भविष्य की योजनाओं और निवेश जरूरतों पर चर्चा हुई।
एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी के भविष्य और ऊर्जा बदलाव पर अपने विचार रखे। कंपनी के बयान के अनुसार, वित्त निदेशक जयकुमार श्रीनिवासन ने एक प्रस्तुति दी जिसमें एनटीपीसी के एक एकीकृत ऊर्जा समूह में परिवर्तन को उजागर किया गया।
(इनपुट- आईएएनएस)
