नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO 30 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 1 अगस्त तक निवेशक इसमें पैसा लगा सकेंगे। लंबे समय से चर्चा में रहे इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह था, खासकर अनलिस्टेड मार्केट में इसकी शेयर कीमतों को देखते हुए। लेकिन जब कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 760 से 800 रुपये प्रति शेयर तय किया, तो निवेशकों की उम्मीदों को झटका लगा।
निवेशकों की उम्मीदों को लगा झटका
NSDL का यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इस इश्यू में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक ही अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कुल मिलाकर 5.01 करोड़ शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। इसकी फेस वैल्यू 2 रुपये प्रति शेयर तय की गई है।
अनलिस्टेड मार्केट में NSDL के शेयर 1000 रुपये से ऊपर ट्रेड कर रहे थे, जिससे निवेशकों को उम्मीद थी कि इसका प्राइस बैंड भी ऊंचा रहेगा। लेकिन जब असली प्राइस बैंड सामने आया तो यह अनलिस्टेड रेट से करीब 200 रुपये कम निकला। इससे पहले HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के आईपीओ में भी यही स्थिति देखने को मिली थी, जहां अनलिस्टेड शेयर 1225 रुपये तक बिक रहे थे लेकिन असली प्राइस बैंड 700 से 740 रुपये के बीच तय हुआ था।
ग्रे मार्केट में क्या चल रहा है?
हालांकि, NSDL के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में अभी भी अच्छी हलचल बनी हुई है। 21 जुलाई को इसका GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम 152 रुपये था, जो 23 जुलाई को बढ़कर 165 रुपये हो गया। 24 जुलाई की रात तक यह और बढ़कर 167 रुपये पहुंच गया।
आईपीओ के तहत IDBI बैंक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और HDFC बैंक जैसे बड़े नाम अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। IDBI बैंक इस समय NSDL में सबसे बड़ा शेयरधारक है, जिसकी हिस्सेदारी 26.01% है। NSE के पास 24% और HDFC बैंक के पास करीब 7.95% हिस्सा है।
कब लिस्ट होगा स्टॉक?
यह आईपीओ 6 अगस्त 2025 को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होगा। इससे पहले 29 जुलाई को एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इस इश्यू को बाजार में लाने की जिम्मेदारी ICICI सिक्योरिटीज, HDFC सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल और SBI कैपिटल मार्केट्स को दी गई है। वहीं, MUFG इंटाइम इंडिया इस इश्यू का रजिस्ट्रार होगा।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
