बिजनेस

Hormuz Crisis या कुबेर का खजाना! जहाजियों को मिल रही ₹1.40 करोड़ तक मंथली सैलरी

पूरी दुनिया के लिए आपदा बना होर्मुज संकट जहाजियों के लिए कुबेर का खजाना साबित हो रहा है। जब भी जहाजी होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे हैं, तो उन्हें सामान्य से 6 गुना तक वेतन और बोनस मिल रहा है।

Image

होर्मुज पार करना बना कुबेर का खजाना

दुनिया को Hormuz Crisis महंगाई के तौर पर सता रहा है। क्रूड ऑयल (Crude Oil) और नैचुरल गैस से लेकर पेट्रोकेमिकल और फर्टिलाइजर्स तक की दुनियाभर में किल्लत हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग खतरनाक है। क्योंकि, यहां कौन सा शिप कब किस के निशाने पर आ जाए पता ही नहीं चलता है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं। दूसरी तरफ ईरान और उसके समर्थक हैं। दोनों ही तरफ से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। यही वजह है कि होर्मुज को पार करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

इस चुनौती को पार करने के लिए अब शिपिंग कंपनियां अपने क्रू को 6 गुना तक ज्यादा वेतन और बोनस दे रही हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक Oil Tanker Crew की कमाई 6 गुना तक बढ़ गई है। जहां पहले जिन जहाजियों को करीब ₹1.4 लाख महीना मिलता था, वहीं अब ₹8.5 लाख तक मिल रहा है। इसी तरह Tanker Captain की सामान्य सैलरी करीब ₹14.25 लाख महीना थी, जो अब करीब ₹95 लाख तक पहुंच गई है। इसके ऊपर हर बार होर्मुज क्रॉस करने के लिए ₹47.5 लाख तक का बोनस भी दिया जा रहा है।

यानी जिस समुद्री रास्ते को दुनिया सबसे खतरनाक एनर्जी चोक पॉइंट (Energy Chokepoints) मान रही है, वही रास्ता कुछ जहाजियों के लिए इस समय कुबेर का खजाना बन गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मिसाइल और ड्रोन अटैक के बढ़ते खतरे के बीच शिपिंग कंपनियां भारी रिस्क प्रीमियम देकर क्रू (Crew) को होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर चलाने के लिए तैयार कर रहे हैं।

6 गुना तक बढ़ा वेतन

रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य हालात में जहां एक सेलर की सैलरी करीब $1,500 यानी ₹1.43 लाख महीना तक होती है। वही, जब होर्मुज पार करता है, तो उसे High-Risk Voyage के लिए 4 से 6 गुना तक वेतन मिलता है। इसके अलावा पार करने पर बोनस भी दिया जाता है। इस तरह वेतन $6,000 से $9000 यानी ₹5.70 लाख से ₹8.55 लाख महीना तक पहुंच गया है। वहीं, सामान्य परिस्थितियों में ऑयल टैंकर कैप्टन की कमाई करीब $15,000 महीना यानी करीब करीब ₹14.25 लाख महीना होती है। लेकिन, होर्मुज पार करने पर कैप्टन को $100,000 महीना, यानी करीब ₹95 लाख महीना तक का पैकेज मिल रहा है।

सैलरी के ऊपर से मिल रहा बोनस

होर्मुज जाने पर जहां 4 से 6 गुना तक सैलरी मिल रही है। वहीं, होर्मुज से सही-सलामत लौटने वाले जहाजियों को हर बार स्ट्रेट पार करने पर $50,000 यानी ₹47.5 लाख तक का अलग बोनस भी दिया जा रहा है। यानी मोटे तौर पर एक कैप्टेन के लिए अगर ₹95 लाख की सैलरी और ₹47.5 लाख का ट्रांजिट बोनस मिलाएं, तो कुल पे पैकेज करीब 1.42 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।

आसमान पर टैंकर चलाने की कीमत

जहाजियों को दिए जाने वाले रिस्क प्रीमियम के साथ ही टैंकर ऑपरेशन की कुल कीमत आसमान छू रही है। रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से कार्गो ले जाने की फ्रेट रेट करीब $13 लाख यानी ₹12.35 करोड़ प्रति दिन तक पहुंच गई है। जबकि, पिछले साल यह कीमत करीब $20,000-$50,000 यानी ₹19 लाख से ₹47.5 लाख प्रति दिन थी। यानी टैंकर को एक दिन चलाने और कार्गो पहुंचाने की लागत भी 26 से 65 गुना तक बढ़ गई है। इसका मतलब यह हुआ कि शिपिंग कंपनियां भी मोटी कमाई कर रही हैं। हालांकि, युद्ध के जोखिम के चलते इंश्योरेंस भी बहुत महंगा हो गया है। अब टैंकरों को Hull Value के 6-10% तक प्रीमियम देना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक एक सुपर टैंकर के लिए एक बार होर्मुज पार करने के लिए इश्योरेंस की लागत एक $2 करोड़ यानी करीब ₹190 करोड़ तक पहुंच सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article