अगर आप भी रिटायरमेंट के बाद हर महीने फिक्स्ड और गारंटीड पेंशन पाना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। बुढ़ापे में गारंटीड पेंशन का फायदा देता है नया UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम, जिसे अपनाने का मौका अब सिर्फ कुछ ही दिनों तक है। अगर आप केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं और NPS से बाहर निकलकर UPS में जाना चाहते हैं, तो 30 नवंबर 2025 की आखिरी तारीख तेजी से पास आ रही है। ऐसे में समय रहते फैसला लेना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि यह बदलाव आपके पूरे रिटायरमेंट प्लान को सुरक्षित और मजबूत बना सकता है।
दरअसल, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में स्विच करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी कर्मचारी NPS छोड़कर नई UPS स्कीम अपनाना चाहते हैं, उन्हें 30 नवंबर 2025 से पहले अपना आवेदन जमा करना होगा। वित्त मंत्रालय ने सभी पात्र कर्मचारियों और NPS के तहत आने वाले पूर्व रिटायरीज़ से अपील की है कि वे समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि बाद में कोई समस्या न आए।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में UPS को नोटिफाई किया था, और यह 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गया है। यह स्कीम पुराने पेंशन सिस्टम की तरह गारंटीड पेंशन देती है और हर साल महंगाई के हिसाब से बढ़ती भी है। UPS का मकसद कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर और सुरक्षित आय देना है।
स्कीम में योगदान इस तरह से तय है:
इसका मतलब है कि UPS के तहत कर्मचारी न केवल एक तय पेंशन पाएंगे, बल्कि यह पेंशन समय-समय पर बढ़ती भी रहेगी।
सरकार ने आवेदन प्रोसेस को काफी आसान रखा है। UPS अपनाने के इच्छुक कर्मचारी दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
1. ऑनलाइन आवेदन:
कर्मचारी npscra.nsdl.co.in वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
2. ऑफलाइन आवेदन:
इसके अलावा, कर्मचारी अपने CRA नोडल ऑफिस में फिजिकल फॉर्म जमा कर सकते हैं।
वित्त मंत्रालय ने सभी नोडल ऑफिसों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आवेदन को निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रोसेस करें ताकि कर्मचारियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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हां, UPS को NPS के फ्रेमवर्क के भीतर ही संचालित किया जाता है और इसे PFRDA रेगुलेट करता है। यानी सिस्टम भले नया हो, लेकिन इसकी निगरानी वही संस्था करती है जो NPS को नियमन करती है। यह नियम सेवारत कर्मचारियों के साथ-साथ रिटायर हो चुके कर्मचारियों पर भी लागू होता है, बशर्ते वे UPS में आने की पात्रता रखते हों।
हां, अगर कोई कर्मचारी UPS चुन लेता है, तो उसके पास आगे चलकर दोबारा NPS में वापस आने का विकल्प रहेगा। यानी UPS चुनना आपकी अंतिम पसंद नहीं है आप भविष्य में चाहें तो पुराने सिस्टम में वापस भी जा सकते हैं।
UPS कई तरह के महत्वपूर्ण फायदे प्रदान करता है, जो कर्मचारियों के रिटायरमेंट प्लान को और सुरक्षित बनाते हैं। इस स्कीम में बेहतर टैक्स छूट के विकल्प मिलते हैं, वहीं रिजाइन या कम्पल्सरी रिटायरमेंट जैसी स्थितियों में भी अलग-अलग लाभ दिए जाते हैं। खास बात यह है कि पुराने NPS कर्मचारियों और पहले से रिटायर हो चुके लोगों को भी UPS अपनाने का अवसर मिलता है। इसके अलावा, पेंशन हर साल महंगाई के अनुसार बढ़ती रहती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद आय स्थिर बनी रहती है और भविष्य को लेकर किसी तरह की असुरक्षा नहीं रहती। सरकार का उद्देश्य इसी पेंशन सिस्टम के जरिए कर्मचारियों को भरोसेमंद और सुरक्षित करना है।
अगर आप केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं और UPS में जाने पर विचार कर रहे हैं, तो 30 नवंबर 2025 की अंतिम तारीख को भूलिए मत। समय पर आवेदन करने से आपकी पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाएगी।
NPS छोड़कर UPS अपनाने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 है। इस तारीख से पहले आवेदन जमा करना जरूरी है।
UPS में रिटायरमेंट के बाद आखिरी सैलरी (DA सहित) का 50% पेंशन के रूप में मिलता है। यह पेंशन हर साल महंगाई के हिसाब से बढ़ती भी है।
हां UPS चुनने के बाद भी भविष्य में दोबारा NPS में लौटने का विकल्प उपलब्ध रहता है।
आप दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:ऑनलाइन: npscra.nsdl.co.in पर जाकर फॉर्म भरेंऑफलाइन: अपने CRA नोडल ऑफिस में फिजिकल फॉर्म जमा करें
NPS छोड़कर UPS अपनाने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 है। इस तारीख से पहले आवेदन जमा करना जरूरी है।
कर्मचारी का योगदान: बेसिक + DA का 10%सरकार का योगदान: 18.5%इससे रिटायरमेंट फंड और पेंशन स्ट्रक्चर और मजबूत बन जाता है।