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अब Happay ने निकाले एक-तिहाई से ज्यादा कर्मचारी, CRED है ओनर

हैप्पे ने अपने एक-तिहाई से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इसके कर्मचारियों की संख्या 450-500 थी। अनुमान है कि हैप्पे में कम से कम 160 लोगों ने नौकरी गंवा दी है।

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हैप्पे ने एक-तिहाई से अधिक लोगों को निकाला

KEY HIGHLIGHTS
  • स्टार्टअप हैप्पे ने कर दी छंटनी
  • एक-तिहाई से अधिक लोगों को निकाला
  • क्रेड है हैप्पे की ओनर

Happay Layoff 2023 : क्रेड (Cred) की ओनरशिप वाली एक्सपेंस मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर हैप्पे (Happay) ने अपने कई कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। कंपनी ने लागत में कटौती और खर्चों पर लगाम लगाने के लिए अपने एक-तिहाई से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल दिया है।

35 फीसदी लोगों की गई नौकरी

हैप्पे के पास करीब 450-500 कर्मचारी थे। ईटी की रिपोर्ट में Inc42 के हवाले से बताया गया है कि इनमें से करीब 35 फीसदी कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। पिछले चार से पांच महीनों में, क्रेड लागत में कटौती (Cost Cutting) कर रहा है।

2012 में शुरू की गई हैप्पे ने सिकोइया कैपिटल (Sequoia Capital) जैसे निवेशकों से करीब 21.6 मिलियन डॉलर (178 करोड़ रु) जुटाए थे, जिसने क्रेड और प्राइम वेंचर पार्टनर्स (Prime Venture Partners) को भी सपोर्ट किया है।

2018 में क्रेड ने हैप्पे को खरीदा

हैप्पे को 2021 में 18 करोड़ डॉलर (1482 करोड़ रु) में क्रेड ने खरीदा था। ईटी की रिपोर्ट में Inc42 के हवाले से बताया गया है कि क्रेड ने सोमवार सुबह हैप्पे के 35 फीसदी कर्मचारियों को निकाल दिया। इसका मतलब है कि कम से कम 160 लोगों की छंटनी कर दी गई है।

इन डिपार्टमेंट्स में हुई छंटनी

Inc42 की रिपोर्ट के अनुसार हैप्पे में जिन डिपार्टमेंट्स में छंटनी की गई है, उनमें सेल्स, मार्केटिंग, टेक, प्रोडक्ट और ऑपरेशंस शामिल हैं। बता दें कि हैप्पे कॉरपोरेट्स को ट्रेवल और एक्सपेंस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और बिजनेसों को कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड स्टैक प्रोवाइड करता है।

ये स्टार्टअप यूजर्स को एक कार्ड इश्यूइंग स्टैक (Card Issuing Stack) भी प्रोवाइड करता है और हाल ही में इसने एक वेंडर पेमेंट मॉड्यूल पर फोकस किया है जो बिजनेसों को सप्लायर्स को सीधे बी2बी (B2B) ट्रांसफर्स करने की सुविधा देता है।

क्रेड और हैप्पे को घाटा

वित्त वर्ष 2020-21 में, क्रेड के खरीदने से पहले, हैप्पे ने 21 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। इसका रेवेन्यू तब 50 करोड़ रुपये रहा था। क्रेड को भी 2021-22 में 1279 करोड़ रु का घाटा हुआ था, जो 2020-21 में 524 करोड़ रुपये था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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