गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही भारतीय रेलवे में सीटों के लिए मारामारी मच जाती है। लंबी वेटिंग लिस्ट और कन्फर्म टिकट न मिल पाने के कारण लाखों यात्रियों की प्लानिंग फेल हो जाती है। लेकिन इस साल रेलवे ने यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने ऐलान किया है कि इस भीषण गर्मी और छुट्टियों के सीजन में यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए 18,000 से भी ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह अब तक के सबसे बड़े विस्तारों में से एक है, जिसका मुख्य उद्देश्य वेटिंग लिस्ट की समस्या को जड़ से खत्म करना और हर यात्री को कन्फर्म सीट मुहैया कराना है।
हजारों फेरों का रिकॉर्ड तोड़ नेटवर्क
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ये 18,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें देश के विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर हजारों फेरे (Trips) लगाएंगी। आमतौर पर गर्मियों में उत्तर भारत से दक्षिण भारत और प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इस भीड़ को देखते हुए रेलवे ने उन रूटों की पहचान की है जहाँ वेटिंग लिस्ट सबसे लंबी रहती है। इन रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से न केवल यात्रियों को आसानी से टिकट मिलेगा, बल्कि स्टेशनों पर होने वाली आपाधापी और भीड़भाड़ में भी कमी आएगी। यह कदम उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो महीनों पहले टिकट बुक नहीं कर पाए थे।
कैसे मिलेगी कन्फर्म सीट?
रेलवे का 'नो वेटिंग' मिशन आधुनिक तकनीक और डेटा विश्लेषण पर आधारित है। रेलवे बोर्ड अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर यह ट्रैक कर रहा है कि किन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 या 200 के पार जा रही है। जैसे ही किसी खास रूट पर मांग बढ़ती है, रेलवे तुरंत उस रूट पर 'समर स्पेशल' ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर देता है। इसके अलावा, नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल मुख्य ट्रेनों पर निर्भर न रहें, बल्कि 'स्पेशल ट्रेनों' की लिस्ट चेक करें, जहाँ कन्फर्म सीट मिलने की संभावना 90 प्रतिशत तक ज्यादा होती है।
इन रुट पर विशेष ध्यान
इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली-पटना, मुंबई-वाराणसी, बेंगलुरु-चेन्नई और दिल्ली-कटरा जैसे व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, पर्यटन के शौकीनों के लिए शिमला, नैनीताल और दक्षिण भारत के हिल स्टेशंस की ओर जाने वाली कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया गया है। रेलवे का मानना है कि इन स्पेशल ट्रेनों के चलने से न केवल आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि तत्काल कोटा (Tatkal) पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। अब यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए एजेंटों के चक्कर काटने या भारी-भरकम पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।सिर्फ ट्रेनों की संख्या ही नहीं बढ़ाई गई है, बल्कि रेलवे इन स्पेशल ट्रेनों में साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और समयबद्धता (Punctuality) पर भी खास ध्यान दे रहा है। स्टेशनों पर यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है और पूछताछ काउंटरों को भी सक्रिय किया गया है। गर्मी को देखते हुए ट्रेनों में एसी (AC) और स्लीपर कोचों की संख्या का संतुलन इस तरह रखा गया है कि हर वर्ग के यात्री अपनी सुविधा और बजट के अनुसार सफर कर सकें। रेलवे का यह प्रयास दिखाता है कि वह यात्रियों की सहूलियत को सर्वोपरि मान रहा है।
