ET Edge SCM Summit 2025: टाइम्स ग्रुप के ईटी एज सप्लाई चेन समिट 2025 के 12वें संस्करण को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (26 जून) को कहा कि भारत ने लॉजिस्टिक्स लागत में 6% की कमी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के प्रयास में बड़ा कदम है। यह उपलब्धि एक्सप्रेसवे, आर्थिक कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी और डिजिटल टोलिंग पर केंद्रित सरकारी प्रयासों का परिणाम है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत का वैश्विक स्थान
गडकरी ने कहा कि भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जिसका मूल्य 22 लाख करोड़ रुपये है। भारत केवल अमेरिका और चीन से पीछे है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के पास भारी निर्यात क्षमता है, जो आत्मनिर्भर भारत मिशन और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य दोनों में अहम भूमिका निभाते हैं।
क्लीन मोबिलिटी और इनोवेशन
गडकरी ने बताया कि परिवहन क्षेत्र में इनोवेशन के तहत स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बजाज के साथ पुणे में देश की पहली CNG बाइक लॉन्च की गई है। इलेक्ट्रिक ट्रकों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। ये बदलाव लॉजिस्टिक्स की दक्षता को बढ़ाने में सहायक होंगे।
PM Gati Shakti योजना और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
गडकरी ने बताया कि PM Gati Shakti National Master Plan के तहत भारत में तेज, सस्ता और भरोसेमंद माल परिवहन संभव हो रहा है। कटरा, असम और महाराष्ट्र में बनने वाले मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और वधावन पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नया रूप देंगे। वधावन पोर्ट में 18 मीटर ड्राफ्ट जहाजों के इस्तेमाल से माल परिवहन काफी सस्ता होगा।
हाईवे और पोर्ट कनेक्टिविटी से घटा खर्च
गडकरी ने बताया कि NHAI की योजनाओं के तहत हाईवे और पोर्ट को जोड़ा जा रहा है जिससे टर्नअराउंड टाइम में 45% की कमी और परिवहन लागत में 25% की गिरावट आई है। इससे MSME सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।
नई सड़क परियोजनाएं: शहरों को जोड़ती अर्थव्यवस्था
गडकरी ने बताया कि दिसंबर के अंत तक दिल्ली से देहरादून, जयपुर, चंडीगढ़ और कटरा जैसी जगहों के लिए यात्रा समय में भारी कमी आएगी। ये सिर्फ सड़कें नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक विकास के कॉरिडोर हैं।
स्मार्ट टोलिंग और क्लीन फ्यूल्स की दिशा में प्रगति
गडकरी ने कहा कि FASTag से आगे बढ़ते हुए अब डिजिटल टोलिंग की ओर कदम बढ़ाया गया है। साथ ही, इथेनॉल, बायोफ्यूल, EVs और हाइड्रोजन जैसे क्लीन फ्यूल्स पर सरकार का जोर है। अगले 7 वर्षों में भारत नेट एनर्जी एक्सपोर्टर बन सकता है।
ग्रीन हाईवे और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स
उन्होंने बताया कि 600 करोड़ रुपये के हाइड्रोजन हाईवे पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। यह पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर का विजन
गडकरी ने कहा कि हम सिर्फ सड़कें नहीं बना रहे, हम भारत का भविष्य बना रहे हैं। उन्होंने उद्योगों और स्टेकहोल्डर्स से अपील की कि वे स्वच्छ ऊर्जा, समावेशी ढांचा और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स को अपनाएं ताकि सतत विकास की ओर आगे बढ़ा जा सके।
