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GST रेट में बदलाव से कितनी होगी सरकार की आय? निर्मला सीतारमण ने किया खुलासा

GST Reforms: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman) ने कहा कि हालिया जीएसटी सुधारों से अर्थव्यवस्था में करीब दो लाख करोड़ रुपये आएंगे। इससे सभी क्षेत्रों में मांग में वृद्धि होगी और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यह कदम विकास को गति देने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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जीएसटी में सुधार से बढ़ेगी मांग, अर्थव्यवस्था में आएंगे दो लाख करोड़ रुपये (तस्वीर-x)

GST Reforms : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में किए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को करीब 2 लाख करोड़ रुपये का लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से सभी क्षेत्रों में मांग को मजबूती मिलेगी और खासतौर पर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, एमएसएमई और विभिन्न उद्योगों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा।

GST में 'नई पीढ़ी' के सुधार

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक सीतारमण ने एक कार्यक्रम में बताया कि ये सुधार दरों में कटौती, अनुपालन को सरल बनाने और जीएसटी प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों के हित में है। यह सुधार पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये निर्णय केवल केंद्र द्वारा नहीं, बल्कि राज्यों के सहयोग से लिए गए हैं। “जीएसटी कोई देने-लेने वाला मॉडल नहीं है। अगर राजस्व घटता है, तो उसका भार केंद्र और राज्य दोनों साझा करते हैं।

टेक्स दरों में बड़ा बदलाव

जीएसटी परिषद की हाल में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब जीएसटी की टैक्स संरचना को सरल बनाते हुए चार की बजाय केवल दो स्लैब में रखा जाएगा। अब अधिकतर वस्तुओं और सेवाओं पर केवल 5% और 18% की दर से कर लगेगा। हालांकि, विलासिता की वस्तुओं और अहितकर उत्पादों पर 40 प्रतिशत की विशेष दर जारी रहेगी। यह दरें उच्च वर्ग के खर्च पर टैक्स लगाने की नीति के तहत निर्धारित की गई हैं।

नवरात्रि से लागू होंगी नई दरें

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि नई कर दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। यह दिन नवरात्रि का पहला दिन भी है, जिसे शुभ और नए आरंभ के रूप में देखा जाता है। इन सुधारों से जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं अर्थव्यवस्था में वृद्धि और मांग को नया बल मिलेगा, जिससे राजस्व संग्रहण में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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