NHPC OFS : केंद्र सरकार ने सरकारी बिजली कंपनी एनएचपीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने (NHPC Share Sale) का फैसला किया है। सरकार यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए करेगी। यह प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी बिक्री के माध्यम से करीब 4,200 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस कदम से सरकारी खजाने को मजबूत करने के साथ-साथ विनिवेश कार्यक्रम को भी गति मिलेगी।
71 रुपये प्रति शेयर तय किया गया न्यूनतम मूल्य
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने जानकारी दी कि सरकार एनएचपीसी में अपनी 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। इसके साथ ही ‘ग्रीन शू’ विकल्प भी रखा गया है। इसका मतलब है कि यदि निवेशकों की ओर से अधिक मांग आती है तो सरकार अतिरिक्त 3 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेच सकती है। इस तरह कुल 6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बाजार में उतारी जाएगी। सरकार ने इस ओएफएस के लिए 71 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया है। यह कीमत बाजार भाव से कम रखी गई है ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके और बिक्री सफल रहे।
बाजार भाव से करीब 8 प्रतिशत कम कीमत
सोमवार को बीएसई में एनएचपीसी का शेयर 77.19 रुपये पर बंद हुआ था। इसके मुकाबले ओएफएस के लिए तय किया गया 71 रुपये का मूल्य लगभग 8 प्रतिशत कम है। यही वजह है कि निवेशकों को यह ऑफर आकर्षक लग सकता है। हालांकि सोमवार के कारोबार में कंपनी का शेयर अपने पिछले बंद भाव की तुलना में 2.07 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार मूल्य से कम कीमत पर शेयर मिलने के कारण संस्थागत और खुदरा दोनों तरह के निवेशकों की इस बिक्री में अच्छी रुचि देखने को मिल सकती है।
अलग-अलग निवेशकों के लिए अलग तिथियां
सरकार ने बिक्री प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा है। गैर-खुदरा निवेशकों यानी संस्थागत निवेशकों के लिए ओएफएस 2 जून को खुलेगा। वहीं खुदरा निवेशक 3 जून को इसमें भाग ले सकेंगे। इससे दोनों श्रेणी के निवेशकों को निवेश का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
सरकार को होगा बड़ा फायदा
अगर सरकार पूरी 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने में सफल रहती है तो 60.27 करोड़ से अधिक शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। प्रति शेयर 71 रुपये के हिसाब से इस बिक्री से लगभग 4,200 करोड़ रुपये की राशि सरकार को प्राप्त होगी। सरकार लगातार सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर संसाधन जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।
एनएचपीसी की हिस्सेदारी बिक्री भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निवेशकों की प्रतिक्रिया के आधार पर यह ओएफएस सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को नई मजबूती दे सकता है।
