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या तो बनाएं नॉमिनी या फॉर्म भरकर करें मना; सेबी ने सिंगल डीमैट होल्डर्स के लिए तय की डेडलाइन

अगर आपके पास सिंगल डीमैट अकाउंट है, तो सावधान हो जाएं। सेबी ने नॉमिनी चुनने या फॉर्म भरकर मना करने के लिए नई डेडलाइन तय कर दी है। इस नियम की अनदेखी करने पर आपका डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है।

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demat account dormant

शेयर बाजार में निवेश करने वाले और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अगर आपके पास भी एक सिंगल डीमैट खाता (Single Demat Account) है, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। सेबी ने सभी सिंगल डीमैट खाताधारकों के लिए अपने खाते में नॉमिनी (Nominee) जोड़ने या फिर औपचारिक रूप से नॉमिनेशन से बाहर निकलने (Opt-out) के लिए एक नई समयसीमा यानी डेडलाइन तय कर दी है। इस नियम के तहत अब निवेशकों के पास केवल दो ही रास्ते बचे हैं या तो वे अपने खाते में किसी को नॉमिनी बनाएं, या फिर एक डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर आधिकारिक तौर पर यह बताएं कि वे अपने खाते में किसी को नॉमिनी नहीं बनाना चाहते हैं। अगर कोई निवेशक इस तय तारीख तक इन दोनों में से कोई भी काम नहीं करता है, तो उसके डीमैट खाते को फ्रीज किया जा सकता है, जिससे वे आगे ट्रेडिंग या शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।

सेबी ने क्यों लिया फैसला?

सेबी द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों को रोकना है। अक्सर देखा गया है कि कई निवेशक अपने डीमैट खाते में किसी को नामांकित नहीं करते हैं, और अचानक किसी अनहोनी की स्थिति में उनके खाते में जमा लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति अधर में लटक जाती है। इसके बाद कानूनी वारिसों (Legal Heirs) को वह पैसा या शेयर अपने नाम ट्रांसफर करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिसमें सालों का समय और बहुत सारा पैसा बर्बाद हो जाता है। इसी पेचीदा प्रक्रिया को खत्म करने और निवेशकों की जमा-पूंजी को उनके अपनों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सेबी ने इस नियम को कड़ाई से लागू करने का फैसला किया है।

नॉमिनी कैसे बनाएं?

इस नए नियम के तहत प्रक्रिया को काफी लचीला भी बनाया गया है। यदि आप अपने डीमैट खाते में किसी को नॉमिनी बनाना चाहते हैं, तो आप अधिकतम तीन लोगों को नामांकित कर सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि किस नॉमिनी को कितने प्रतिशत का हिस्सा मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ, अगर आप फिलहाल किसी को भी नॉमिनी नहीं बनाना चाहते हैं, तो आपको सेबी द्वारा जारी किए गए 'ऑप्ट-आउट' (Opt-out) फॉर्म को भरकर सबमिट करना होगा। आसान शब्दों में कहें तो, सेबी आपको नॉमिनी बनाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है, लेकिन आपको लिखित रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। खाते में 'नो नॉमिनेशन' की स्थिति को खाली छोड़ देने की अनुमति अब बिल्कुल नहीं दी जाएगी।

अपने डीमैट खाते में नॉमिनी जोड़ने या इससे बाहर निकलने की प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल बनाया गया है ताकि निवेशकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। निवेशक अपने संबंधित ब्रोकर (जैसे Zerodha, Groww, Angel One आदि) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर लॉगइन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें अकाउंट सेटिंग्स या प्रोफाइल सेक्शन में जाकर 'Nominee' के विकल्प को चुनना होगा। यदि वे नॉमिनी जोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें नॉमिनी का नाम, पैन नंबर, जन्मतिथि और उनके साथ संबंध जैसी जानकारियां भरकर आधार ई-साइन (Aadhaar E-sign) के जरिए प्रक्रिया को वेरिफाई करना होगा। वहीं, मना करने की स्थिति में 'Opt-out' पर क्लिक करके डिक्लेरेशन को सबमिट करना होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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