New Income Tax Act 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को इनकम टैक्स अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि टैक्सपेयर्स का जीवन आसान बनाया जाए और जो लोग जानबूझकर टैक्स चोरी करते हैं, उन्हें पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है जिसमें ईमानदारी सबसे आसान और स्वाभाविक विकल्प बन जाए।
आसान होगा टैक्स देना, बढ़ेगा भरोसा
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वित्त मंत्री ने ‘प्रारंभ 2026: इनकम टैक्स एक्ट, 2025 पर राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान’ के दौरान कहा कि अगर कोई व्यक्ति ईमानदारी से टैक्स देता है, तो नई व्यवस्था उसका जीवन पहले से ज्यादा आसान बना देगी। लेकिन जो लोग जानबूझकर टैक्स चोरी करने की कोशिश करेंगे, उन्हें तकनीक के जरिए पहचान लिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संदेश हर टैक्सपेयर तक पहुंचना चाहिए कि सिस्टम अब ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह हो गया है।
1 अप्रैल से लागू होगा नया आयकर कानून
नया इनकम टैक्स अधिनियम, 2025 अगले वित्त वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। यह कानून करीब 60 साल पुराने इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नए कानून में कोई नई टैक्स दर नहीं जोड़ी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कानून की भाषा को सरल और समझने में आसान बनाना है, ताकि आम लोग भी बिना किसी परेशानी के इसे समझ सकें।
देशभर में चलेगा जागरूकता अभियान
सरकार ने इस नए कानून को लेकर एक बड़ा मल्टीमीडिया अभियान शुरू किया है। यह अभियान प्रिंट, रेडियो, टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया जैसे सभी प्लेटफॉर्म पर चलाया जाएगा। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देशभर में स्थानीय भाषाओं में लोगों को इस नए कानून के बारे में समझाएं। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक होंगे और भ्रम की स्थिति खत्म होगी।
तकनीक से होगी टैक्स चोरी पर सख्ती
सीतारमण ने साफ कहा कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि निगरानी के लिए भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आप ईमानदार हैं, तो सिस्टम आपका साथ देगा। लेकिन अगर आप चोरी करते हैं, तो सिस्टम आपको ढूंढ निकालेगा। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके टैक्स चोरी को कम करने की दिशा में काम कर रही है।
अधिकारियों की भूमिका बदलेगी
वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि वे सिर्फ टैक्स वसूलने वाले नहीं हैं, बल्कि सरकार और करदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नया कानून अधिकारियों को एक साफ और सरल ढांचा देता है, जिससे वे अपने काम को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे सहानुभूति, निष्पक्षता और दक्षता के साथ काम करें।
टैक्सपेयर ‘भागीदार’, दुश्मन नहीं
सीतारमण ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि टैक्सपेयर सरकार का विरोधी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भागीदार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी सोच बदलें और करदाताओं के साथ सहयोग और सम्मान का व्यवहार करें। इस बदलाव को समझाने के लिए उन्होंने एक पुरानी हिंदी फिल्म के गीत की पंक्तियां भी दोहराईं “छोड़ो कल की बातें, आओ मिलकर लिखें हम इनकम टैक्स की नई कहानी।”
प्रधानमंत्री के ‘मानवीय दृष्टिकोण’ का जिक्र
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मानवीय’ दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था इंसान-केंद्रित डिजिटल युग के अनुरूप बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही, नैतिकता और समावेशी तकनीक जैसे तत्व शामिल हैं, जिससे आम नागरिक को बेहतर अनुभव मिलेगा।
एमएसएमई को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था में अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) को और मजबूत किया गया है। इसका सीधा फायदा छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को मिलेगा। इससे छोटे व्यापारियों को टैक्स से जुड़ी जटिलताओं से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपने कर दायित्वों को पूरा कर पाएंगे।
वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स विभाग के सामने 6 प्रमुख लक्ष्य रखे:-
- करदाताओं के साथ नियमित संवाद
- उनके समय का सम्मान
- मुकदमों को तेजी से कम करना
- युवाओं के साथ जुड़ना
- तकनीक से टैक्स चोरी रोकना
- नए कानून को सरल बनाए रखना
नई वेबसाइट भी लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स विभाग की एक नई और आधुनिक वेबसाइट भी लॉन्च की। यह वेबसाइट यूजर्स के लिए ज्यादा आसान और उपयोगी बनाई गई है, जिससे टैक्स से जुड़े काम ऑनलाइन और सरल हो सकें।
संसदीय समिति का योगदान
सीतारमण ने उस संसदीय समिति का भी आभार जताया, जिसने इस विधेयक की गहराई से जांच की थी। समिति ने कुल 196 सुझाव दिए थे, जिनमें से 184 को स्वीकार कर लिया गया। यह दर्शाता है कि सरकार ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस कानून को अंतिम रूप दिया है।
नया इनकम टैक्स कानून 2025 सरकार की उस सोच को दर्शाता है जिसमें टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। जहां एक ओर ईमानदार करदाताओं को सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर टैक्स चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
