World Biggest Data Centre Jamnagar: भारत में जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बन सकता है! ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए, अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस भारत में दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करने की प्लानिंग कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस ग्रुप Nvidia के पावरफुल AI सेमीकंडक्टर खरीद रहा है और गुजरात के जामनगर में एक डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है। अमेरिका स्थित एनवीडिया AI तकनीक में अग्रणी वैश्विक कंपनियों में से एक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस तीन गीगावाट की क्षमता का लक्ष्य बना रहा है। एक बार डेटा सेंटर चालू हो जाने के बाद, यह सबसे बड़े मौजूदा डेटा सेंटर को पीछे छोड़ देगा, जिसकी क्षमता एक गीगावाट से कम होगी।
जामनगर में रिलायंस का नया डेटा सेंटर, जो रिन्युअल एनर्जी सोर्स को यथासंभव अधिकतम सीमा तक एकीकृत करेगा। सौर, ग्रीन हाइड्रोजन और विंड प्रोजेक्ट को शामिल करेगा। लगातार बिजली की आपूर्ति के लिए, फैसिलिटी को बैटरी सिस्टम और जीवाश्म ईंधन जैसे सप्लिमेंट्री रिसोर्से की जरुरत होगी। जामनगर में रिलायंस का नया डेटा सेंटर न केवल भारत के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत की मौजूदा डेटा सेंटर क्षमता को तीन गुना कर देगा, जो एक गीगावाट से कम है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में मुंबई में NVIDIA AI शिखर सम्मेलन के दौरान NVIDIA के सीईओ जेन्सन हुआंग ने भारत में अत्याधुनिक AI बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ एक नई साझेदारी की घोषणा की थी। उस समय मुकेश अंबानी ने कहा था कि 'भारत में दुनिया के सबसे बड़े इंटेलिजेंस मार्केट में से एक बनने की क्षमता है
उन्होंने कहा कि भारत सबसे बड़े इंटेलिजेंस मार्केट में से एक होगा। हमारी उम्मीदें सिर्फ खुफिया जानकारी को आगे नहीं बढ़ाती हैं, बल्कि मुझे लगता है कि भारत में कच्चा जीन पूल और यूथ पावर भी ऐसा करती है। मुकेश अंबानी ने शिखर सम्मेलन में कहा था और भरोसा जताया था कि यह खुफिया जानकारी स्थानीय बाजारों से आगे जाएगी। उन्होंने कहा था कि हमें आम आदमी के लिए सस्ती और सुलभ खुफिया जानकारी के लिए जियो को रिपीट करना होगा।
रिलायंस द्वारा डेटा सेंटर स्थापित करने का कदम कंपनी को अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट (गूगल) जैसी तकनीकी दिग्गजों के साथ जोड़ता है। ये कंपनियां AI-सक्षम डेटा सेंटर में भारी निवेश कर रही हैं ताकि वे AI परिदृश्य में अपने परिचालन का विस्तार जारी रख सकें।
