Mukesh Ambani Birthday & His Salary in Reliance Industries : आज मुकेश अंबानी का 66वां जन्मदिन है। 2002 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान संभालने वाले मुकेश अंबानी से जुड़ी कई प्रमुख बाते हैं। इनमें से एक है उनकी सैलेरी। बीते 15 सालों में जहां एक तरफ रिलायंस का शेयर करीब 270 फीसदी ऊपर चढ़ा है, वहीं अंबानी की सैलेरी घट कर 'जीरो' हो गई। 2007-08 में उनकी सालाना सैलेरी 44.02 करोड़ रु थी। जबकि बीते 2 वित्त वर्षों यानी 2020-21 और 2021-22 में उन्होंने कंपनी से एक रुपया भी नहीं लिया। अपनी मर्जी से उन्होंने जीरो सैलेरी ली।
छोड़ दिए सारे बेनेफिट
बीते दोनों वित्त वर्षों में, अंबानी ने बतौर रिलायंस सीएमडी कंपनी से कोई अलाउंस, अनुलाभ, रिटायरमेंट बेनेफिट, कमीशन या स्टॉक ऑप्शन नहीं लिया। जबकि अंबानी को अनुलाभ और अलाउंट के तौर पर 2007-08 में 60 लाख रुपये (प्रति माह 5 लाख रुपये) और 48 लाख रुपये (4 लाख रुपये प्रति माह) की सैलेरी मिली थी। वहीं उस साल अंबानी को 'रिटायरमेंट बेनेफिट' के लिए 18.75 लाख और नेट प्रोफिट पर कमीशन के रूप में 42.75 करोड़ रुपये मिले। इससे 2007-08 में उन्हें कुल सैलेरी मिली थी 44.02 करोड़ रु।
क्यों नहीं ली सैलेरी
अंबानी ने कोविड के चलते बीते 2 सालों में सैलेरी नहीं ली है, जबकि उनकी दौलत इस समय 6.81 लाख करोड़ है। इससे पहले अंबानी की सालाना सैलरी 15 करोड़ रु थी। वित्त वर्ष 2009 में उन्होंने बेंचमार्क सेट करने के लिए अपनी सैलेरी को 15 करोड़ रुपये पर सीमित कर दिया था। जबकि उससे पहले, अंबानी भारत में टॉप सैलेरी पाने वाले सीईओ में से एक रहे। उनकी सैलेरी 2019-20 में 15 करोड़ रु रही थी जो तब पिछले 11 वर्षों के समान ही थी। अंबानी ने 2008-09 से सैलेरी, अनुलाभ, अलाउंस और कमीशन को एक साथ 15 करोड़ रुपये पर बरकरार रखा, जो सालाना 24 करोड़ रुपये के ऊपर उन्हें मिलते थे।
शेयर ने किया मालामाल
बीते 15 सालों में रिलायंस का शेयर करीब 270 फीसदी चढ़ा है। मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 को हुआ था। बहुत लोग कम जानते होंगे कि उनका जन्म भारत में नहीं, बल्कि यमन में हुआ था। तब यमन एक ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी था, जिसे अदन कहा जाता था। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग और अमेरिका में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। वह 1977 से रिलायंस के बोर्ड में हैं।
