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मक्खन, मलाई और मिठाई, सब हो गया महंगा! 5वीं बार बढ़ी दूध की कीमत

  • Authored by: डिंपल अलावाधी
  • Updated Dec 27, 2022, 01:34 PM IST

Milk Price: मदर डेयरी ने इस साल पांचवीं बार अपने दूध की कीमत को बढ़ा दिया है। इस साल अब तक इसके दूध का दाम नौ रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुका है।

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Milk Price: मक्खन, मलाई और मिठाई, सब हो गया महंगा!

Photo : iStock

नई दिल्ली। देश की जनता का महंगाई (Inflation) से बुरा हाल है। पहले सिर्फ पेट्रोल और डीजल की कीमत से लोग परेशान थे, बाद में खाने और पीने का सामान भी महंगा हो गया। अब भारत की जनता के लिए एक और बुरी खबर है। इस साल दुग्ध विक्रेता मदर डेयरी (Mother Dairy) ने पांचवीं बार दूध की कीमत (Milk Price) बढ़ा दी है। मदर डेयरी ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर के इलाके में बिकने वाले अपने दूध की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़त कर दी है। नई कीमतें आज यानी 27 दिसंबर 2022 से लागू हो गई है। यह किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि अब दूध से बनने वाले सभी प्रोडक्ट्स जैसे मक्खन, मलाई, मिठाई, आदि की कीमत बढ़ जाएगी।

इतना हुआ दूध का दाम

उल्लेखनीय है कि मदर डेयरी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में हर रोज 30 लाख लीटर से भी ज्यादा का दूध बेचती है। इस संदर्भ में मदर डेयरी ने कहा कि फुल क्रीम दूध (Full Cream Milk Price) का दाम अब 66 रुपये प्रति लीटर हो गया है, वहीं टोंड दूध (Toned Milk) की कीमत बढ़कर 53 रुपये प्रति लीटर हो गई है। डबल टोंड दूध की बात करें, तो इसका दाम दो रुपये बढ़कर 47 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

क्या अमूल भी बढ़ाएगी दूध की कीमत?

मालूम हो कि कंपनी की ओर से गाय के दूध की थैली और टोकन से खरीदे जाने वाले दूध के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। अब सवाल ये है कि क्या देश की सबसे बड़ी दूध उत्पादक सहकारी संस्था अमूल (Amul) भी दूध की कीमत बढ़ाने वाली है? अमूल ब्रांड के तहत दूध बेचने वाली गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (GCMMF) के प्रबंध निदेशक आर एस सोढ़ी ने कहा है कि उनके प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ने की संभावना नहीं है। मामले में उन्होंने कहा है कि कंपनी की निकट अवधि में दाम बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है।

क्यों महंगा हुआ दूध?

मदर डेयरी ने कहा है कि बढ़ती दूध की कीमत का दुग्ध उत्पादक किसानों से की जाने वाली खरीद की लागत बढ़ने को जिम्मेदार बताया है। पिछले साल के मुकाबले इस साल दूध की खरीद लागत लगभग 24 फीसदी तक बढ़ चुकी है। दूध के सेक्टर के लिए यह एक अप्रत्याशित साल रहा है। त्योहारों के बाद भी उपभोक्ताओं और संस्थानों दोनों की ओर से दूध की डिमांड में तेजी देखने को मिल रही है। कच्चे दूध की बात करें, तो इसकी खरीद में दिवाली के बाद भी तेजी नहीं देखी गई है।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

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