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किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, मिलिंग खोपरा की MSP में वृद्धि को कैबिनेट से मिली मंजूरी

Copra MSP Hike: मोदी कैबिनेट ने खोपरा की MSP में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि खोपरा के एमएमसपी में वृद्धि पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।

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मोदी सरकार ने मिलिंग खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया

Photo : PTI

Copra MSP Hike: मोदी सरकार ने नारियल के किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मिलिंग खोपरा की MSP में वृद्धि को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मिलिंग खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 11,582 रुपये प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दी है। वहीं बॉल खोपरा के लिए 12,100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया है।

अश्विनी वैष्णव ने दी फैसले की जानकारी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- "किसानों के कल्याण के लिए कई फैसले लिए गए हैं। यह हमारी प्रतिबद्धता, किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है... हमारे देश में खोपरा उत्पादन में कर्नाटक की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। ...खोपरा की खरीद के लिए NAFED और NCCF दोनों केंद्रीय नोडल एजेंसियां होंगी और इसके अलावा राज्य सरकारों की इसमें बड़ी भूमिका होगी, इसलिए यह खरीद राज्य सरकार के निगमों के सहयोग से की जाएगी।

पहले कितना था और अब कितना है

मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने शुक्रवार को 855 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ 2025 सत्र के लिए खोपरा (नारियल गरी) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 422 रुपये तक की वृद्धि कर इसे 12,100 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि वर्ष 2025 के लिए 'मिलिंग खोपरा' का एमएसपी 422 रुपये बढ़ाकर 11,582 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि 'बॉल खोपरा' का एमएसपी 100 रुपये बढ़ाकर 12,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

कहां होता है खोपरा का उत्पादन

देश के कुल उत्पादन में 32.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक में खोपरा का उत्पादन सबसे अधिक है, इसके बाद तमिलनाडु 25.7 प्रतिशत, केरल 25.4 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘ऊंचा एमएसपी न केवल नारियल उत्पादकों को बेहतर पारिश्रमिक सुनिश्चित करेगा बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसानों को खोपरा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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