ITR filing 2026 : इनकम टैक्स विभाग का 'e-Nivaran' पोर्टल टैक्सपेयर्स के लिए एक बेहद काम का जरिया है। अगर आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में परेशानी आ रही है, रिफंड में देरी हो रही है, या TDS में कोई गड़बड़ी दिख रही है, तो आप इस सुविधा का इस्तेमाल करके सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह ऑनलाइन ग्रीवांस रेड्रेसल सिस्टम पंजीकृत और गैर-पंजीकृत (Registered & Unregistered) दोनों तरह के यूजर्स के लिए उपलब्ध है। यहां दर्ज शिकायतों को सीधे संबंधित विभाग के पास निवारण के लिए भेजा जाता है।
क्या है e-Nivaran सिस्टम?
Income Tax e Nivaran इनकम टैक्स विभाग के e-filing पोर्टल पर उपलब्ध एक डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र है। इसके माध्यम से टैक्सपेयर टैक्स से जुड़ी समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं और अपनी शिकायत की स्थिति (Status) को एक यूनिक एक्नॉलेजमेंट नंबर के जरिए ट्रैक कर सकते हैं। यह प्रणाली मुख्य रूप से चार अलग-अलग विभागों e-Filing, CPC-ITR, CPC-TDS और एसेसिंग ऑफिसर (AO) से जुड़ी समस्याओं को संभालती है।
e-Nivaran पर किन समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं?
टैक्सपेयर्स अपनी समस्या के प्रकार के अनुसार सही विभाग का चयन करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- e-Filing: इसके तहत पोर्टल में लॉगिन, पासवर्ड, प्रोफाइल अपडेट, ITR फाइलिंग, ई-वेरिफिकेशन और JSON यूटिलिटी जैसी तकनीकी समस्याओं की रिपोर्ट की जा सकती है।
- CPC-ITR: यहां रिफंड न मिलने, रिटर्न प्रोसेसिंग में देरी, टैक्स डिमांड नोटिस, Rectification और ITR-V से जुड़ी शिकायतों का समाधान मिलता है।
- CPC-TDS: फॉर्म 26AS, TDS/TCS स्टेटमेंट, चालान मिसमैच, ट्रैसेस (TRACES) पोर्टल और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन फॉर्म से जुड़ी समस्याओं के लिए इस विभाग को चुना जाता है।
- एसेसिंग ऑफिसर (AO): कर निर्धारण (Assessment), अपीलों, पैन एप्लिकेशन और पुराना पेंडिंग रिफंड या टैक्स डिमांड से जुड़े मामलों के लिए सीधे एसेसिंग ऑफिसर के पास शिकायत भेजी जाती है।
रजिस्टर्ड यूजर्स ऐसे दर्ज करें शिकायत
अगर आपका इनकम टैक्स पोर्टल पर अकाउंट है, तो शिकायत दर्ज करना बहुत आसान है। सबसे पहले e-filing पोर्टल पर जाकर अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें। डैशबोर्ड पर दिए गए Grievances सेक्शन में जाएं और Submit Grievance पर क्लिक करें। इसके बाद संबंधित विभाग, शिकायत की कैटेगरी और सब-कैटेगरी का चयन करें। फिर असेसमेंट ईयर चुनकर अपनी समस्या को कम से कम 100 शब्दों में विस्तार से लिखें। अगर कोई संबंधित दस्तावेज है, तो उसे अटैच करें और फॉर्म सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद मिलने वाले एक्नॉलेजमेंट नंबर को संभालकर रखें। विभाग का सुझाव है कि त्वरित समाधान के लिए लॉगिन करके ही शिकायत दर्ज करें।
बिना अकाउंट वाले (Unregistered) यूजर्स के लिए प्रक्रिया
जिन लोगों का ई-फाइलिंग पोर्टल पर अकाउंट नहीं है या जिनके पास PAN/TAN नहीं है, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए पोर्टल के होमपेज पर Contact Us के तहत Grievances ऑप्शन पर जाना होगा। वहां यह चुनें कि आपके पास PAN या TAN नहीं है। इसके बाद अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन पूरा करें। वेरिफिकेशन के बाद आप वही प्रक्रिया अपनाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अपनी शिकायत का स्टेटस कैसे चेक करें?
शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस लॉगिन करके या बिना लॉगिन किए भी देखा जा सकता है। बिना लॉगिन किए स्टेटस देखने के लिए पोर्टल के View Grievance सेक्शन में जाएं और अपना एक्नॉलेजमेंट नंबर तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें। वहीं, अगर आप पोर्टल पर लॉगिन करके देखना चाहते हैं, तो Grievances मेन्यू में View Grievance Status पर क्लिक करें। यहां आप सबमिशन डेट, विभाग या स्टेटस के आधार पर अपनी शिकायत को फिल्टर करके उसकी ताजा स्थिति जान सकते हैं।
